Category: Aasha Ichchha

तेरे सपने हों नित ऐसे-अमरनाथ त्रिवेदीतेरे सपने हों नित ऐसे-अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:11 pm

पढ़ो लिखो या खेलो यहाँ पर , पर नाम करो इस जग में । व्यर्थ बैठे  तुम क्या करोगे ,[...]

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Girindra Mohan Jha

जीवन-दर्शन – गिरीन्द्र मोहन झाजीवन-दर्शन – गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 1:25 pm

तुम अपने जीवन के सुदीर्घ पथों को देख, मात्र निज जीवन-यात्रा पर फोकस करना। तेरा जीवन सहज, पवित्र, अर्थपूर्ण, परोपकारमय[...]

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ram किशोर

पिता – राम किशोर पाठकपिता – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:48 pm

द्विगुणित सुंदरी छंद सबका बोझ उठाना, करना नहीं बहाना। अपना दर्द छुपाना, हर पल ही मुस्काना।। सबका शौक पुराना, उफ्फ[...]

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ram किशोर

बदलें बिहार आओ – राम किशोर पाठकबदलें बिहार आओ – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:44 pm

द्विगुणित सुंदरी छंद शिक्षक सभी हमारे, बदलें बिहार आओ। शिक्षा दीप जलाओ, ज्ञान पुंज फैलाओ।। प्रण यह करने आओ, औरों[...]

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मुट्ठी में आकाश करो – कुमकुम कुमारी “काव्याकृतिमुट्ठी में आकाश करो – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति

0 Comments 8:45 pm

इक-इक पल है कीमती जानो स्वयं से तुम संवाद करो। व्यर्थ की बातों में उलझकर न वक्त अपना बर्बाद करो।।[...]

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Awanish Kumar Avi

सूरज भैया – अवनीश कुमारसूरज भैया – अवनीश कुमार

0 Comments 7:08 pm

  सूरज भैया सूरज भैया क्यों है तुम्हारे गाल लाल क्या मम्मी ने तुम्हें डाँटा है या पापा ने मारा[...]

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Divya kumari

बेटी की अभिलाषा – दिव्या कुमारीबेटी की अभिलाषा – दिव्या कुमारी

1 Comment 8:50 am

पापा मेरी एक अभिलाषा, पढ़ -लिखकर मैं बनु महान । आपका नाम रौशन करु जग में, मेरी भी को अलग[...]

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S K punam

सुरक्षित रहे प्राण- एस.के.पूनम।सुरक्षित रहे प्राण- एस.के.पूनम।

0 Comments 10:14 pm

विधा:-रूपघनाक्षरी (सुरक्षित रहे प्राण) तरु की पत्तियां झड़ी, मंजरी भी गिर पड़ी, पतझड़ के मौसम का यही है पहचान। चल[...]

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