सौर वर्ष में करते गणना। भाद्र शुक्ल शिल्पी का गहना। सदा प्रतिपदा शुभता लाती। कन्या राशि संक्रांति आती।। नियत समय हर वर्षो से हीं। विश्वकर्मा पूजन सदा हीं।। सतरह तारीख…
Category: Bhakti
For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.
जीवित्पुत्रिका व्रत
जीवित्पुत्रिका व्रत माता निर्जल व्रत करे, सुखी रहे संतान। महाकाल को पूजती, जो लेते संज्ञान।। एक दिवस उपवास का, कोटि विधि स्वीकार। सुखमय मेरा लाल हो, करती सदा विचार।। भाँति-भाँति…
गणेश वंदन-डॉ स्वराक्षी स्वरा
गणनायक तू शैल सुता बुद्धिनायक देव् गणेश विघ्नहर्ता तू महेश्वर शम्भूनन्दन हरो क्लेश ।। मूषक वाहन साथ तिहारे वरदायक हैं हाथ तुम्हारे सकल विश्व पीड़ा में डूबा तुम बिन…
भारत के अग्निवीर – गीत – राम किशोर पाठक
भारत के अग्निवीर – गीत शूर वीर हैं धरती के हम, लिखते हौसलों से तकदीर। हम पीछे हटना क्या जानें, हम हैं भारत के अग्निवीर।। गद्दारों पर मेरी रहती, पैनी…
जय जय कृष्ण मुरारी बोल
जय -जय कृष्ण मुरारी बोल जय जय राधा रानी बोल जय जय कृष्ण मुरारी बोल। दुनिया आनी जानी बोल तू अपनी मनमानी बोल। प्रेम की युगल कहानी बोल प्रेमी की…
कान्हा तेरी दुनियां
कान्हा तेरी दुनिया कान्हा तेरे प्रेम में दीवानी सारी दुनिया, तेरे ही मुस्कान में खो जानी सारी दुनिया। तू है कान्हा राधा रानी है ये सारी दुनिया कान्हा तेरे नाम…
वीर जवान सरहद पर जाते- स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
वीर जवान सरहद पर जाते तन मन जगमग हो जाता है, नमन कोटिशः सब मिल गाते। मातृभूमि पर मर मिटने को, वीर जवान सरहद पर जाते। बूढ़ी माँ के आँचल…
आजादी – महाचण्डिका छंद गीत – राम किशोर पाठक
आजादी – महाचण्डिका छंद गीत इसका अपना अर्थ है, सबको यह समझाइए। आजादी के मूल्य को, जरा समझने आइए।। सहते अत्याचार थे, ऐसा अपना देश था। जानवरों सा हाल था,…
भोला तुम बिन न कोई सहारे – अमरनाथ त्रिवेदी
भोला तुम बिन न कोई सहारे जग में प्रभु तेरा नाम है भोला , तुम जग के हो रखवारे। भक्त तुम्हारे सुमिरन करते , भोला तुम बिन न कोई सहारे…
हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् – राम किशोर पाठक
हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् भजेऽहम् पद पंकज सुंदरम्। हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम्।। त्रिविध ताप निवारण जायते। शरण शंभु मनोहर भायते। आदि अनादि सौम्य सुरेश्वरम्। हरि भजे शिव शंभु…