Category: Bhakti

For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.

Nitu Rani

कत्यायनी माता- नीतू रानीकत्यायनी माता- नीतू रानी

0 Comments 5:24 pm

कत्यायनी माँ एली हे मैया , नौ रुप में अहाँ भगवती। माँ सिंह सवारिनी त्रिशूल धारिणी, महिषासुर केए मारती। कत्यायनी[...]

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Devkant

कुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्यकुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्य

0 Comments 2:38 pm

माता की आराधना, करो सदा प्रणिपात। अंतर्मन के भाव में, भरो नहीं आघात।। भरो नहीं आघात, कर्म को सुंदर करना।[...]

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Devkant

माँ दुर्गा-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’माँ दुर्गा-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 5:04 pm

माँ दुर्गा दुर्गतिनाशिनी माँ दुर्गा की, होती जय-जयकार। आदिशक्ति जगदंबा की है, महिमा अपरंपार।। निर्मल मन से जग जननी के,[...]

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Ruchika

जय शिव – रूचिकाजय शिव – रूचिका

0 Comments 7:41 pm

जय शिव नीलकंठ, महादेव, भोलेनाथ, त्रिपुरारी बीच मँझधार हम पड़े बाधा हरो हमारी, तुम चन्द्रशेखर,शिव शंभु भोलेनाथ हो, तेरे ही[...]

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Jainendra

गुरु की महिमा -जैनेन्द्र प्रसाद रविगुरु की महिमा -जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 7:39 pm

गुरु की महिमा जगत के जीव सारे, राजा हों या रंक प्यारे, जगत में गुरु बिना, ज्ञान कौन पाता है?[...]

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Kumkum

जय त्रिपुरारी – कुमकुम कुमारीजय त्रिपुरारी – कुमकुम कुमारी

0 Comments 7:38 pm

जय त्रिपुरारी सुन लो विनय हमारी, हे उमापति त्रिपुरारी। मैं आई शरण तुम्हारी प्रभु दूर करो अंधियारी। अँखिया मेरी है[...]

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