मनहरण घनाक्षरी पुकारीं दुलारी राधा,ढूंढ़ती फिरती कान्हा, नयन निहारी राह,पूछी कहाँ श्याम हैं। मुकुट शोभित भाल,बाँहों पर भुजबंध, कंठमाला मोतियों[...]
Category: Bhakti
For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.
मित्रता- अमरनाथ त्रिवेदीमित्रता- अमरनाथ त्रिवेदी
मित्रता है अनमोल कहानी , जो खुद कहती रहती है । जीवन के अनछुए प्रसंग में भी , रसधार रूप[...]
मनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनम
छंद:-मनहरण घनाक्षरी “सियाराम” पहनते पीताम्बर,सियाराम साथ-साथ, भोर उठे साथ चले,प्रीतम का प्रीत है। हाथ पकड़े सिया का,कभी न अलग हुआ,[...]
सरस्वती वंदना – मो.मंजूर आलमसरस्वती वंदना – मो.मंजूर आलम
स्तुति मां वागीश्वरी स्तुति मां सरस्वती ज्ञान की देवी तू जहान की देवी तू वंदन करूं तेरी, हे शारदे! जीवन[...]
सृष्टि के सृजनहार- मीरा सिंह “मीरा”सृष्टि के सृजनहार- मीरा सिंह “मीरा”
जीव जगत के आधार हे सृष्टि के सृजनहार व्यक्त करें कैसे मनुज आदित्य तेरा आभार हे देवों के देव दिवाकर[...]
भजन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’भजन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
तोहर माथे में मुकुट गले हार सोहे ला, माई दसों हाथ तोहर हथियार सोहे ला। कर में कंगन सोहे भाल[...]
सुनियौ अरज ओहिना – नीतू रानीसुनियौ अरज ओहिना – नीतू रानी
भगवती गीत सुनियौ अरज ओहिना अरज ओहिना अरज ओहिना हे जननी सुनियौ अरज ओहिना, बच्चा केअ माता सुनैये जहिना—2 सुनियौ[...]
मां के नवरुपों का दर्शन- विवेक कुमारमां के नवरुपों का दर्शन- विवेक कुमार
मां की महिमा है बड़ी निराली, उनके रूपों में दर्शन देती मां काली, नवरात्रा में मां के नव रूपों के[...]
प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद हर साल नवरात्रि, माता की चरण आवे, पूजा बिना सुना लगे महल अटरिया। धन पद सुत दारा,[...]
माता रानी- नीतू रानीमाता रानी- नीतू रानी
गज चढ़ी अहाँ एलौं हे माता रानी, जेती गज चढ़ी भगवती। माँ हँसति खल-खल दाँत झल-झल, रुप सुन्दर भगवती। गज[...]
