वंशी बजाए नंदलाल – नीतू रानी सब गायों के बीच में वंशी बजाए नंदलाल, एक भी नही दिख रहा वहाँ[...]
Category: Bhakti
For the attainment of God in the world, for the welfare of the person, one has to do spiritual practice for salvation. For this, Bhakti is the best. Therefore, devotion to God and having prayer and meditation is called Bhakti.
राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठकराष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक
राष्ट्रीय पक्षी दिवस – मनहरण घनाक्षरी – राम किशोर पाठक आया यह दिन खास, करना है अहसास, जनवरी पाँच आज,[...]
हनुमान -रामकिशोर पाठकहनुमान -रामकिशोर पाठक
हनुमान- कहमुकरी संग कभी भय नहीं सताता। साहस मुझमें भी उपजाता।। शंका का करता समाधान। क्या सखि? साजन! न सखि![...]
श्री जी -कुमकुम कुमारी काव्याकृतिश्री जी -कुमकुम कुमारी काव्याकृति
श्री जी अद्भुत छवि है श्री जी तेरी, हटती नहीं नजरिया। माथे कुमकुम दमक रही है, नैनों में साँवरिया।। हो[...]
क्या बदलाव लायेगा नया साल-विवेक कुमारक्या बदलाव लायेगा नया साल-विवेक कुमार
बीते को भुलाना, नए को अपनाना, जो खोया उसका रोना, पाए पर इतराना, अच्छाई से दोस्ती, बुराई से घबड़ाना, खट्टी[...]
कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठककोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक
कोहरा – उल्लाला छंद गीत – राम किशोर पाठक सभी लोग हैं काँपते, सर्दी सबको खल रही। फैल गया है[...]
रघुवर नमन- राम किशोर पाठक रघुवर नमन- राम किशोर पाठक
करता रघुवर नमन तुम्हारा। चंचल चितवन चमन हमारा।। कैसे सुलभ सहज सब पाऊँ। कैसे निषाद चरण पखारा।। करता रजकण शिला[...]
बम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठकबम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक
बम शिव कहके- मधुमति छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक १११-१११-२ उपवन महके। खर खग चहके।। तन-मन बहके। बम शिव[...]
गणेश- कहमुकरी – राम किशोर पाठकगणेश- कहमुकरी – राम किशोर पाठक
गणेश- कहमुकरी पेट बड़ा हर-पल दिखलाता। लड्डू झट-पट चट कर जाता।। मोहित करता सुनहरा केश। क्या सखि? साजन! न सखी![...]
रूपघनाक्षरी – शृंगार – एस.के.पूनमरूपघनाक्षरी – शृंगार – एस.के.पूनम
ऊँ कृष्णाय नमः विधा:-रूपघनाक्षरी। विषय:-शृंगार। उठती हैं सागर में, तरंगें हजारों बार, सिन्धु करे जल राशि,से शृंगार बार-बार। केवट है[...]
