प्रेम की सौगात लेकर ईद है आई, हर आंगन और गली – गली में खुशियां छाई। नये – नये कपड़े[...]
Category: Bhawna
राम वन से आ गये- राम किशोर पाठक राम वन से आ गये- राम किशोर पाठक
राम वन से आ गये। देवता बन भा गये।। सूचना से राष्ट्र में। हर्ष पूरे छा गये।। शोक चौदह साल[...]
मेरे भोले नाथ जी-राम किशोर पाठकमेरे भोले नाथ जी-राम किशोर पाठक
शिव शंभू अविनाशी, कहलाते जो कैलाशी, घट-घट के हैं वासी, पार्वती के साथ जी। बेलपत्र पर रीझे, भक्तों से कभी[...]
होली-कहमुकरी- राम किशोर पाठकहोली-कहमुकरी- राम किशोर पाठक
उसके आते नर्तन करती। मन में नव भावों को गढ़ती।। बहकाए वह मेरी बोली। क्या सखि? साजन! न सखी! होली।।०१।।[...]
रसधार है नारी-अर्जुन प्रभातरसधार है नारी-अर्जुन प्रभात
प्रकृति की कल्पना कोमल, मधुर रस धार है नारी। नहीं नर से कहीं कम ,सृष्टि का श्रृंगार है नारी ।।[...]
श्याम नारी वेश में-राम किशोर पाठकश्याम नारी वेश में-राम किशोर पाठक
श्याम नारी वेश में। पुष्प डाले केश में।। माथ पर डलिया लिए। कान की बलिया लिए।। हार कंगण संग में।[...]
कलह-मनु कुमारीकलह-मनु कुमारी
प्रेम से बनता स्वर्ग सा घर है,कलह से बिखरता संसार। कलह से अगर बचना है तो, नि:स्वार्थ प्रेम कर रिश्तों[...]
एक युग का विराम-संजीत कुमार निगम एक युग का विराम-संजीत कुमार निगम
आपने जो बिहार को दिया, रहेगा सदा कर्जदार बिहार दे रहे राज्यसभा के लिए बधाई आपने पर आपका CM पद[...]
पैगाम – राम किशोर पाठकपैगाम – राम किशोर पाठक
दीवानों का हाल सुनाने, संग लिए अपने पैगाम। कुसुमाकर है दौड़ा आया, बैठे हम अपना चित थाम। रंग-गुलाल हवा है[...]
मन की वीणा के तार कसे-मनु कुमारीमन की वीणा के तार कसे-मनु कुमारी
मन की वीणा के तार कसे, अब नए सुरों की बात करें। डर और संशय दूर हटाएँ, खुद पर फिर[...]
