ऋतुओं का स्कूल – आशीष अंबर

पोस्टमैन है सूरज चाचा,डाक सुबह की लाता है ।द्वारा – द्वार किरणों की पाती ,ठीक समय पहुँचाता है । चुन – चुन करती चिड़िया रानी,चुगती दाना, पीती पानी ।गीत सुनाती…

मां भारती के साधक – मनु कुमारी

माँ भारती का साधक : माखनलाल चतुर्वेदी कलम नहीं थी उनकी केवल,ज्वाला थी अंगार बनी।शब्दों में राष्ट्र धड़कता था,भारत माँ साकार बनी।। न भय लिखा, न दास्यता,न झुकी कभी उनकी…

मैं संविधान हूं – आंचल शरण

“मैं संविधान हूं” मैं भारत का संविधान हूं,महज़ एक किताब नहीं,गहन करो तो अधिकार हूंमैं भारत का संविधान हूं।इसमें केवल शब्द नहींभारतीयों की तकदीर हूंमैं भारत का संविधान हूं।करता हूं…

राष्ट्रीय बालिका दिवस – मनु कुमारी

आज मत पूछो,क्यों आई है बेटी—आज पूछो,कैसे बची है बेटी? गर्भ की देहरी परहर बार सवालों से जूझती,मौन की चादर ओढ़ेअपने होने का प्रमाण खोजती—वही है बेटी। उसकी किलकारीघर की…

गणतंत्र का जयघोष – मनु कुमारी

गणतंत्र का जयघोष छब्बीस जनवरी पुकार रही,उठो! इतिहास बुलाता है।यह दिन नहीं केवल तिथि कोई,जन-जन का स्वाभिमान जगाता है। जब टूटीं जंजीरें गुलामी की,जब भारत ने प्रण यह ठाना था—राजा…

बसंती शाम- मनु कुमारी

बसंती शाम उतर आई, सुनहरी धूप के संग,क्षितिज ने ओढ़ ली चूनर, केसरिया रंग के रंग। मंद पवन की उँगली थामे, सरसों हँसने लगी,डाल-डाल पर बैठी चिड़िया, राग नया गाने…

भारत की बेटियां – आशीष अंबर

सारे संसार में नाम कमाया है ,अपनी प्रतिभा का जादू बिखराया है।देश हो या विदेश हर जगह ,भारत की बेटियां अपना लोहा मनवाया है। कल्पना चावला, नीरजा या हो पीटी…

मुझे मां तिरंगा दिलवा दो- राम किशोर पाठक

मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो- रासा छंद बाल कविता मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो।वैसा ही कुर्ता सिलवा दो।। भैया संग मुझे भी जाना।ध्वज मुझको भी है फहराना।। मैं भी वहाँ…