प्रकृति की कल्पना कोमल, मधुर रस धार है नारी। नहीं नर से कहीं कम ,सृष्टि का श्रृंगार है नारी ।। ये नारी स्नेह की प्रतिमा …
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श्याम नारी वेश में-राम किशोर पाठक
श्याम नारी वेश में। पुष्प डाले केश में।। माथ पर डलिया लिए। कान की बलिया लिए।। हार कंगण संग में। चूड़ियाँ नवरंग में।। नारियों के देश में । श्याम नारी…
कलह-मनु कुमारी
प्रेम से बनता स्वर्ग सा घर है,कलह से बिखरता संसार। कलह से अगर बचना है तो, नि:स्वार्थ प्रेम कर रिश्तों से यार।। ईर्ष्या, द्वेष का जब धुंआ उठे, तब दिलों…
एक युग का विराम-संजीत कुमार निगम
आपने जो बिहार को दिया, रहेगा सदा कर्जदार बिहार दे रहे राज्यसभा के लिए बधाई आपने पर आपका CM पद छोड़ना कैसे सहेगा बिहार, कुर्सियाँ बदल तो जाएँगी, पर उम्मीद…
पैगाम – राम किशोर पाठक
दीवानों का हाल सुनाने, संग लिए अपने पैगाम। कुसुमाकर है दौड़ा आया, बैठे हम अपना चित थाम। रंग-गुलाल हवा है मिलकर, लगा रहा सबको है रंग। मंद-मंद वह छूकर सबको,…
मन की वीणा के तार कसे-मनु कुमारी
मन की वीणा के तार कसे, अब नए सुरों की बात करें। डर और संशय दूर हटाएँ, खुद पर फिर विश्वास करें। सपनों को फिर जागृत करें, हिम्मत को फिर…
होली का त्योहार – आशीष अम्बर
होली का त्योहार – आशीष अम्बर देखो होली का त्योहार है आया, संग में रंगों का बौछार है लाया। बैरी भी गिले मिटाकर हाथ मिलाया, अपनो ने भी क्या खूब…
आती चिड़िया – जाती चिड़िया – आशीष अम्बर
आती चिड़िया – जाती चिड़िया – आशीष अम्बर कू – कू करती आती चिड़िया, फुर – फुर करती जाती चिड़िया । गाना कितना गाती बढ़ियाँ, नन्ही – नन्ही प्यारी चिड़िया…
प्रपोज डे – नीतू रानी
नमन मंच प्रपोज डे – नीतू रानी शीर्षक -करिए माता-पिता को प्रपोज। आज है प्रपोज डे दिन के है आज संडे, माता-पिता से स्नेह रखिए देखिए मत है कि कौन…
कविता : – बसंत का आगमन – आशीष अम्बर
कविता : – बसंत का आगमन – आशीष अम्बर गीत हजारों लिखे गये सब पड़े पुराने, देखो आया फिर बसंत नव गीत सुनाने । मन के अन्दर जाने कैसी हूक…