बचपन – बाल गीत – राम किशोर पाठक

    बच्चे मिलकर जश्न मनाए। धमा चौकड़ी धूम मचाए।। अनुपम हर क्षण है जीवन का। सफर सुहाना है बचपन का।। हरपल प्यारा सबका न्यारा। लेकर खुशियों की यह धारा।।…

कैकेई का त्याग- विधाता छंद गीत -रामकिशोर पाठक

कैकेई का त्याग- विधाता छंद गीत जगत कल्याण के कारण, किया विष पान त्रिपुरारी। पुनः दुनिया बचाने को, किया है त्याग हित नारी।। निभायी राष्ट्र से नाता, लुटायी स्वप्न थी…

ज्ञान का दीपक

  ज्ञान का दीपक 5 अक्टूबर 2025 से विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर कार्तिक कुमार मध्य विद्यालय कटरमाला गोरोल वैशाली 7004318121 ज्ञान दीप जब जलता है, अंधकार मिट जाता…

कष्ट – बैकुंठ बिहारी

कष्टबाल्यावस्था से ही यह माया,किशोरावस्था में भी, न छोड़ती किसी की काया,कभी कुछ खोने का कष्ट,कभी कुछ छूटने का कष्ट,कष्ट का है यह मायाजाल,सुख सुविधा का भी ऐसा ही मायाजाल,जिसे…

जीवन सुंदर सरस – महामंगला छंद गीत, राम किशोर पाठक

जीवन सुंदर सरस, लगता हरपल खास। कर्म करे जो सतत, होता नहीं उदास।। हारा मन कब सफल, मन के जीते जीत। जो लेता है समझ, बदले जग की रीत।। जीत…

शरद पूर्णिमा, रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

विधाता छंदधारित मुक्तक शरद पूर्णिमा कहीं संगम कहीं तीरथ, धरा पर पुण्य बहते हैं, मगर जो आज देखेंगे, कहेंगे व्यर्थ कहते हैं। जहाॅं शंकर छुपा कर तन, किए श्रृंगार गोपी…