आज जाने की घड़ी पर,रो रहा है आसमां। जो अभी परिवार ही हैं,कल रहेंगे पास ना।। राम आए कृष्ण आए,छोड़कर[...]
Category: Bhawna
कहे ऋतुराज अपनों से-एस.के.पूनमकहे ऋतुराज अपनों से-एस.के.पूनम
प्रभंजन आज चंचल है, विदाई सर्द की करते। अभी तो शुष्क धीरे से, तुषारापात को हरते। वसंती वात चलने से,[...]
दोहे – राम किशोर पाठकदोहे – राम किशोर पाठक
दोहे श्री निवास घर में करें, जब तक मिलता मान।अहंकार के जागते, कर जाती प्रस्थान।। श्री पाकर सेवा करें, करिए[...]
सेना हमारी शान- भवानंद सिंहसेना हमारी शान- भवानंद सिंह
धनाक्षरी छंद सेना हमारे देश की,आन,बान व शान है,सेवा समर्पण ही इनकी पहचान है। देश रहे सुरक्षित,अखंड और अटूट,इनमें ही[...]
बोलता समय – राम किशोर पाठकबोलता समय – राम किशोर पाठक
बोलता समय- दोहा छंद गीत शोर शराबा तो सदा, खौलाता है रक्त।अधर जहाँ पर मौन हो, वहाँ बोलता वक्त।। अगर[...]
मौसम – राम किशोर पाठकमौसम – राम किशोर पाठक
मौसम – रास छंद गीत२२२२,२२२२,२११२ मौसम भाए, ऋतुपति आए, प्रीत गहे।खुशी मनाते, सब इठलाते, झूम रहे।। कुसुम खिले हैं, गंध[...]
अनुकरण से सीखना – मनु कुमारीअनुकरण से सीखना – मनु कुमारी
अनुकरण से सीखना बोलने से पहले बच्चे,आँखों से पढ़ना सीखते हैं।कहने से पहले दुनिया को,करके देखना सीखते हैं। जो देखा,[...]
जातिवाद तो कोढ़ है – राम किशोर पाठकजातिवाद तो कोढ़ है – राम किशोर पाठक
जातिवाद तो कोढ़ है- दोहा छंद गीत बना दिया शासन जिसे, लाइलाज सा रोग।जातिवाद तो कोढ़ है, कहते ज्ञानी लोग।।[...]
ऋतुओं का स्कूल – आशीष अंबरऋतुओं का स्कूल – आशीष अंबर
पोस्टमैन है सूरज चाचा,डाक सुबह की लाता है ।द्वारा – द्वार किरणों की पाती ,ठीक समय पहुँचाता है । चुन[...]
श्रम की महिमा – आशीष अंबरश्रम की महिमा – आशीष अंबर
श्रम से हर मंजिल होती आसान,श्रम से ही तो मानव बनें महान । श्रम से जो भी है नाता रखता,जीवन[...]
