शोर मचा- वासुदेव छंद गीत सुरभित है सब, कली-कली।शोर मचा अब, गली-गली।। आया मौसम, सर्दी का।पीते हैं पय, हल्दी का।।सर्द[...]
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आस में(ग़ज़ल)- राम किशोर पाठकआस में(ग़ज़ल)- राम किशोर पाठक
आस में – गजल क्या रखा है किसी की हर आस में। सफलता होनी चाहिए पास में।। बेशक मुझे दुनिया[...]
ये तो प्यारे बच्चे हैं – आशीष अंबरये तो प्यारे बच्चे हैं – आशीष अंबर
ये तो प्यारे बच्चें है,मन के बड़े ही सच्चें है । ये बच्चें है देश की शान,चाचा नेहरु का यही[...]
गुणगुणी धूप – जैनेन्द्र प्रसाद रविगुणगुणी धूप – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
गुण गुणी धूपमनहरण घनाक्षरी छंद सूरज निकलने कारहता है इंतजार,सुबह की धूप हमें, लगती तो प्यारी है। दूर तक दिखती[...]
सर्दी- कहमुकरी- राम किशोर पाठक सर्दी- कहमुकरी- राम किशोर पाठक
सर्दी – कहमुकरी स्पर्श सदा कंपित है करती। रोम-रोम में सिहरन भरती।। जैसे वह हमसे बेदर्दी। क्या सखि? साजन! न[...]
बलहीनन का बस पीड़ हरो-रामपाल प्रसाद सिंहअनजान बलहीनन का बस पीड़ हरो-रामपाल प्रसाद सिंहअनजान
हम जान रहे कर क्या सकते, तुम तो न मुझे इनकार करो। शुभ कर्म किए शुभ धर्म किए,मम श्वेत मकान[...]
भोलेनाथ हमारे – राम किशोर पाठकभोलेनाथ हमारे – राम किशोर पाठक
भोलेनाथ हमारे । तेरे भक्त पुकारे ।। आएँ हैं सब द्वारे । तू ही कष्ट उबारे।। आओ हे त्रिपुरारी। नैना[...]
वंदे मातरम् – गीत – राम किशोर पाठकवंदे मातरम् – गीत – राम किशोर पाठक
वंदे मातरम् – गीत भारत वासी दिल के अच्छे, चाहत सदा स्वच्छंद है। वंदे मातरम् गीत सुंदर, गाना सबको पसंद[...]
जाति-वर्ण लोकतंत्र पर भारी – राम किशोर पाठक जाति-वर्ण लोकतंत्र पर भारी – राम किशोर पाठक
है लोकतंत्र की महिमा न्यारी। चलती जिससे संविधान प्यारी।। सबने बदली अब दुनियादारी। लूट रहे धन कहकर सरकारी।। लेकर सारे[...]
निष्पक्ष चुनाव को -जैनेन्द्र प्रसादनिष्पक्ष चुनाव को -जैनेन्द्र प्रसाद
निष्पक्ष चुनाव को मनहरण घनाक्षरी छंद में कुशल हो चाहे मांँझी, चाहे नहीं चले आंँधी, छोटा सा भी एक छेद,[...]
