दोहा – राम किशोर पाठक दोहे छाया पति मार्तण्ड का, स्वागत करती भोर। पक्षीगण गायन करें, नृत्य करे वन मोर।।[...]
Category: Bhawna
मन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारीमन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारी
एक साधारण गृह से उठी, चेतना की दिव्य ज्वाला। रविदास ने कर्म से तोड़ा, रूढ़ि-बंधन का हर ताला। न मंदिर[...]
अश्रु आंखों में लिए-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ अश्रु आंखों में लिए-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
आज जाने की घड़ी पर,रो रहा है आसमां। जो अभी परिवार ही हैं,कल रहेंगे पास ना।। राम आए कृष्ण आए,छोड़कर[...]
कहे ऋतुराज अपनों से-एस.के.पूनमकहे ऋतुराज अपनों से-एस.के.पूनम
प्रभंजन आज चंचल है, विदाई सर्द की करते। अभी तो शुष्क धीरे से, तुषारापात को हरते। वसंती वात चलने से,[...]
दोहे – राम किशोर पाठकदोहे – राम किशोर पाठक
दोहे श्री निवास घर में करें, जब तक मिलता मान।अहंकार के जागते, कर जाती प्रस्थान।। श्री पाकर सेवा करें, करिए[...]
सेना हमारी शान- भवानंद सिंहसेना हमारी शान- भवानंद सिंह
धनाक्षरी छंद सेना हमारे देश की,आन,बान व शान है,सेवा समर्पण ही इनकी पहचान है। देश रहे सुरक्षित,अखंड और अटूट,इनमें ही[...]
बोलता समय – राम किशोर पाठकबोलता समय – राम किशोर पाठक
बोलता समय- दोहा छंद गीत शोर शराबा तो सदा, खौलाता है रक्त।अधर जहाँ पर मौन हो, वहाँ बोलता वक्त।। अगर[...]
मौसम – राम किशोर पाठकमौसम – राम किशोर पाठक
मौसम – रास छंद गीत२२२२,२२२२,२११२ मौसम भाए, ऋतुपति आए, प्रीत गहे।खुशी मनाते, सब इठलाते, झूम रहे।। कुसुम खिले हैं, गंध[...]
अनुकरण से सीखना – मनु कुमारीअनुकरण से सीखना – मनु कुमारी
अनुकरण से सीखना बोलने से पहले बच्चे,आँखों से पढ़ना सीखते हैं।कहने से पहले दुनिया को,करके देखना सीखते हैं। जो देखा,[...]
