आइए मेरे गाँव में, अजी बैठिए छांव में, प्रकृति के नजारे को, समीप से देखिए। समृद्ध खलिहान है, मेहनती किसान हैं, ताजे-ताजे उपज का, आंनद तो लीजिए। कोलाहल से दूर…
Category: Bhawna
त्याग – मनु कुमारी
त्याग प्रेम का मूल है , त्याग प्रेम आधार । त्याग से हीं लगता यहां , खिला – खिला संसार। त्याग की मूरत मां मेरी, देती तन – मन वार।…
पर्यावरण दिवस – एस.के.पूनम।
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 मनहरण घनाक्षरी पर्यावरण दिवस(ठान लिया मन है) बढ़ रहा तापमान, धरा सहे अपमान, सांसे ले ठहर कर,प्राण वायु कम है। अरण्य सिमट रहा, घोंसला उजड़ रहा, रेतों…
छुट्टी नहीं दे रही सरकार- नीतू रानी
हुआ गर्मी 50 के पार शिक्षक बच्चे हो रहे बीमार, आ रही है बच्चों की बेहोशी की खबर इधर एक सप्ताह से लगातार। स्कूल नहीं बंद कर रही सरकार गर्मी…
गर्मी से बचकर – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
इस बार मौसम का अलग नजारा दिखे, दोपहर साँय-साँय, हवा चले कसकर। धूप की लपट बीच जलता है अंग-अंग, तपन चुभाए बिष, नागिन सी डँसकर। पानी भी पसीना बन उड़…
महिला शिक्षिकाओं को समर्पित- चांदनी समर
मम्मी मेरी शक्तिशाली, आधी रात उठ जाती है अंधेरे में जाग कर खाना वो बनाती है झाड़ू पोछा बर्तन कपड़े, फिर खुद जा नहाती है जूते मोजे बस्ता टिफिन हम…
लोक-लज्जा- अवनीश कुमार
ख़ून से लथपथ एक काया. फ़ेंका गया था लहरताल मे उपजी झाड़ियों मे रो रहा था शिशु बिलख-बिलख कर ईश्वरीय संयोग हुआ कुछ ऐसा नव विवाहित युगल की बग्घी उतरी…
मैं पत्रकार हूं – मनु कुमारी
मैं पत्रकार हूं ! मैं जनतंत्र की आवाज, लोकतंत्र का साज हूं, मैं पत्रकार हूं। कलम हमारी ताकत है,कलम हमारी जान है। कलम से हीं विश्व भर में बनी मेरी…
रिश्ते दिलों के- मनु कुमारी
रिश्ते दिलों के निभाये हैं हमने, गमों में भी अक्सर मुस्कुराये हैं हमने। है बहुत हीं प्यारा ये नाजुक सा बंधन, फूलों की भांति संवारा है हमने। कभी डांट फटकार…
सबसे बड़ा धर्म – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
जातियों के नाम पर, इंसानों को बाँटा जाता, अक्सर दो जातियों में, होता तकरार है। कई लोग बैठे हुए हैं दुकान खोलकर, हर जगह धर्म के, कई ठेकेदार हैं। जड़…