मंजिल ही एक ठिकाना है मंजिल तक हमको जाना है चलना तो एक बहाना है, मंजिल ही एक ठिकाना है।[...]
Category: Bhawna
पर्यावरण संरक्षण – मनु कुमारीपर्यावरण संरक्षण – मनु कुमारी
पर्यावरण संरक्षण भाईयों वृक्ष लगाना, बहनों वृक्ष लगाना। पर्यावरण सुरक्षा में सब मिलकर हाथ बढ़ाना ।। भाईयों वृक्ष लगाना, बहनों[...]
अच्छा मौका खो दिया – कुण्डलिया छंद – राम किशोर पाठकअच्छा मौका खो दिया – कुण्डलिया छंद – राम किशोर पाठक
अच्छा मौका खो दिया – छंद – कुण्डलिया (०१) अच्छा मौका खो दिया, हमनें उनके पास। लौट वहाँ से आ[...]
मोहनी माया – विधा गीत – राम किशोर पाठकमोहनी माया – विधा गीत – राम किशोर पाठक
मोहनी माया – विधा गीत उलझे रहते हम-सब हरपल, चलता न बुद्धि बल है। सदा सजग रहना माया से, माया[...]
जंग अभी बाकी है – नीतू रानीजंग अभी बाकी है – नीतू रानी
जंग अभी बाकी है रंग अभी बाकी है, बहनों के माँग उजारने वालों का कर्मकांड अभी बाकी है। जंग[...]
बुद्धं शरणं गच्छाम: – राम किशोर पाठक:बुद्धं शरणं गच्छाम: – राम किशोर पाठक:
बुद्धं शरणं गच्छाम:। संघं शरणं गच्छाम:।। चत्वारि आर्यसत्यानि, जीव जीवने संगानि, दु:खं, दु:खस्य कारणं वा, निरोधं, निरोधगामिनीं प्रतिपदा। बुद्धं शरणं[...]
कर्म – नूतन कुमारीकर्म – नूतन कुमारी
कर्म धर्म का राह कभी सरल नहीं होता, अधर्म से बड़ा कोई हलाहल नहीं होता युगों – युगों तक[...]
सत्य अहिंसा का राही- रत्ना प्रियासत्य अहिंसा का राही- रत्ना प्रिया
सत्य अहिंसा का राही आत्मतत्व की ज्योति पाने, जब कोई अकुलाता है । सत्य अहिंसा का राही तब, गौतम[...]
माँ का प्यार – राम किशोर पाठकमाँ का प्यार – राम किशोर पाठक
माँ का प्यार – लावणी छंद माँ का प्यार दुलार जगत में, बड़ा अनमोल होता है। माँ के चरणों[...]
माँ- डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्यामाँ- डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
माँ माँ! सुंदर ! बहुत सुंदर, शब्द ब्रम्ह समाया, अंतस्थ अन्तर्मन रोम-रोम, स्पंदन, समर्पण, सुंदर, सुरभित चितवन! माँ![...]
