रोज सबेरे चूं -चूं करके हम सबके आंगन आती है। दुनिया के सोए मानव का हृदय स्पंद जगाती है।। एक[...]
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काश!सबके किस्मत मे होता- अवनीश कुमारकाश!सबके किस्मत मे होता- अवनीश कुमार
सबके किस्मत मे नही होता दादी की बनाई आचार चट करना और फिर मुस्कुराकर उनके पीछे छिप जाना सबके किस्मत[...]
अंगेठी सा तू जल जरा – संजय कुमार गुप्ताअंगेठी सा तू जल जरा – संजय कुमार गुप्ता
अंगेठी में ना होती लौ ,ना होती कोई लपेटे । पर तमस समेटे रहते हैं ये काले जलते कोयले। यूं[...]
नव वर्ष – डॉ स्नेहलता द्विवेदी “आर्या”नव वर्ष – डॉ स्नेहलता द्विवेदी “आर्या”
नव संकल्प ले नव विहान का, नूतन अभिनन्दन कर लो। जो विकृति हो अपसंस्कृति हो, उसका चलो शमन कर[...]
नव वर्ष – संजय कुमारनव वर्ष – संजय कुमार
आओ हम नव वर्ष मना लें नूतन-नूतन हर्ष मना लें बीत गया जो वर्ष पुराना श्रद्धा सुमन उसको अर्पित कर[...]
खट्टी-मीठी यादें – रामकिशोर पाठकखट्टी-मीठी यादें – रामकिशोर पाठक
बीत रहा यह साल है, देकर खट्टी-मीठी यादों को। जीवन भर हम याद करेंगे, गुजरे कुछ संवादों को।। कुछ[...]
बीता वर्ष २०२४ – अमरनाथ त्रिवेदीबीता वर्ष २०२४ – अमरनाथ त्रिवेदी
जो बीत रहा है समय अभी, वह लौटकर कभी न आएगा। सदियों वर्ष यों ही बीत गए, अब २०२४[...]
मेरा भारत महान -नीतू शाहीमेरा भारत महान -नीतू शाही
मेरा भारत महान, तेरी जय हो तेरी धरती पर, मैने जन्म लिया हो तेरी नदियों का जल, मेरी प्यास बुझाता[...]
छठ पर्व की महिमा – अमरनाथ त्रिवेदीछठ पर्व की महिमा – अमरनाथ त्रिवेदी
छठ पर्व की महिमा अति न्यारी, चार दिनों तक लगती है प्यारी। जीवन सकल धन्य कर देती। यह सर्व दुर्गुणों[...]
शान निराली छठ व्रत की – अमरनाथ त्रिवेदीशान निराली छठ व्रत की – अमरनाथ त्रिवेदी
छठ व्रत की शान निराली, महापर्व की शोभा न्यारी। हम बच्चों को खुशी देनेवाली, अनुपम दृश्य लगती बड़ी प्यारी। व्रती[...]
