सुन री दीया काश! तू सुन पाती, मेरी विरह-व्यथा समझ पाती। तेरी जलती लौ से, क्या-क्या अनुमान लगाऊं? मद्धिम पड़ती[...]
Category: Bhawna
चित्रधारित सृजन – नीतू रानीचित्रधारित सृजन – नीतू रानी
जल से भरकर पात्र को रखना निशदिन भाय, आएगी चिड़िया पानी पीने जाएगी प्यास बुझाय। पीती है पानी चिड़िया हृदय[...]
पिता – गिरीन्द्र मोहन झापिता – गिरीन्द्र मोहन झा
परमपिता परमेश्वर हैं, हम सब उनके संतान, उन्हीं की अनुकम्पा से, हम सब सदा क्रियमाण । सबसे पहले परमपिता परमात्मा[...]
आम आदमी का अंदाज – हरिपद छंद – राम किशोर पाठकआम आदमी का अंदाज – हरिपद छंद – राम किशोर पाठक
आम आदमी का अंदाज – हरिपद छंद आज आदमी आम हो गया, नहीं रहा कुछ खास। बदल रहे अंदाज सभी[...]
जीवन-यात्रा – गिरीन्द्र मोहन झाजीवन-यात्रा – गिरीन्द्र मोहन झा
करना है, करते ही जाना है, बढ़ना है, बढ़ते ही जाना है, जब है सूर्य का तुममें वास, कोई अंधेरा[...]
गोरैया – मनु कुमारीगोरैया – मनु कुमारी
रोज सबेरे चूं -चूं करके हम सबके आंगन आती है। दुनिया के सोए मानव का हृदय स्पंद जगाती है।। एक[...]
काश!सबके किस्मत मे होता- अवनीश कुमारकाश!सबके किस्मत मे होता- अवनीश कुमार
सबके किस्मत मे नही होता दादी की बनाई आचार चट करना और फिर मुस्कुराकर उनके पीछे छिप जाना सबके किस्मत[...]
अंगेठी सा तू जल जरा – संजय कुमार गुप्ताअंगेठी सा तू जल जरा – संजय कुमार गुप्ता
अंगेठी में ना होती लौ ,ना होती कोई लपेटे । पर तमस समेटे रहते हैं ये काले जलते कोयले। यूं[...]
नव वर्ष – डॉ स्नेहलता द्विवेदी “आर्या”नव वर्ष – डॉ स्नेहलता द्विवेदी “आर्या”
नव संकल्प ले नव विहान का, नूतन अभिनन्दन कर लो। जो विकृति हो अपसंस्कृति हो, उसका चलो शमन कर[...]
नव वर्ष – संजय कुमारनव वर्ष – संजय कुमार
आओ हम नव वर्ष मना लें नूतन-नूतन हर्ष मना लें बीत गया जो वर्ष पुराना श्रद्धा सुमन उसको अर्पित कर[...]
