मनहरण घनाक्षरी छंद पढ़ लिख कर बेटी, पैरों पर खड़ी होती, माता-पिता को भी होती, आसानी सगाई में। विचार बदलकर,[...]
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बाल श्रमिक की व्यथा-सुरेश कुमार गौरवबाल श्रमिक की व्यथा-सुरेश कुमार गौरव
शिक्षा के मंदिर में जाऊं तो जाऊं कैसे! जैसे सब बच्चे हाजरी लगाते हैं जैसे!! है मजबूरियां मेरी और जिम्मेदारियां[...]
ह्रदय की पुकार- अमरनाथ त्रिवेदीह्रदय की पुकार- अमरनाथ त्रिवेदी
ह्रदय की पुकार पर , बढ़े चलो -बढ़े चलो । मन कभी विचलित भी हो , तुम भटक गए पथिक[...]
ठंड कटे कोट से- एस.के.पूनमठंड कटे कोट से- एस.के.पूनम
विद्या:-मनहरण घनाक्षरी निकली है हल्की-हल्की, कहीं धूप-कहीं छांह, मौसम बेदर्द बना,पवन की चोट से। ताक-झांक कर रहा, बारबार झरोखों से,[...]
अग्निवीर- सुरेश कुमार गौरवअग्निवीर- सुरेश कुमार गौरव
ये जीवन अग्निपथ ! इस जीवन का है सुगम-पथ अहिंसा-पथ जीवन का है, सबसे अच्छा सु-पथ। हिंसा सभ्य समाज की[...]
“मानवी”- सुरेश कुमार गौरव“मानवी”- सुरेश कुमार गौरव
हुई धरा पर जब से मैं अवतरित,श्रद्धा का पूरा आवरण हूं, नाम धराया “मानवी” व “अंशिका”,इसी का मैं अन्त:करण हूं,[...]
हृदय की गांठ खोलता ज्ञान -मीरा सिंह “मीरा”हृदय की गांठ खोलता ज्ञान -मीरा सिंह “मीरा”
ज्ञान खुशी का एक पिटारा ज्ञान बनाए जीवन न्यारा। करें जहां पर ज्ञान बसेरा रहता नहीं दुखों का डेरा। हृदय[...]
हमारा पहनावा हमारी संस्कृति- धीरज कुमारहमारा पहनावा हमारी संस्कृति- धीरज कुमार
हर भारत के वासी है, भारतीयता है पहचान हमारी। दुनिया के लोगो के बीच पहनावे से होती पहचान हमारी।। पश्चिमी[...]
चाहत – अमरनाथ त्रिवेदीचाहत – अमरनाथ त्रिवेदी
जीवन मे प्रेम का आधार हो , इसमें न छल व्यापार हो । न कालिमा -सी बात हो , न,[...]
कोई मरे कोई सैर करे-मो.मंजूर आलमकोई मरे कोई सैर करे-मो.मंजूर आलम
बाजारों में सजे हैं स्वेटर मफलर कंबल रजाई रंग बिरंग के! कुछ बच्चे ठिठुर रहे हैं पड़े हैं घरों में[...]
