मनहरण घनाक्षरी छंद अखिल ब्रह्मांड बीच, कोई तो है सार्वभौम, जिसके इशारे बिना, पत्ता नहीं हिलता। धरती खनिज देती, सीप[...]
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मेघा रे- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”मेघा रे- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
आ जाओ रे मेघ, इतना मत न इतराओ। उजड़ रहा खलिहान,थोड़ा नीर बरसाओ।। हैं बहुत परेशान,तप रही धरा हमारी। कृपा[...]
मधुमास की घड़ी – एस.के.पूनममधुमास की घड़ी – एस.के.पूनम
काली कच लहराई, विन्यास निखर आई, हाथों में मेंहदी लगे,प्रतीक्षा में थी खड़ी। सोलह श्रृंगार कर, वरमाला डाल कर, साक्षी[...]
उसे नित्य सींचिए – एस.के.पूनमउसे नित्य सींचिए – एस.के.पूनम
विधा:-मनहरण घनाक्षरी कानन से वृक्ष कटे, शीत भरी छाया हटे, तप्त हुई वसुंधरा,नीर मत पीजिए। यत्र-तत्र कूडादान, चल पड़ा अभियान,[...]
कसक किसानों की – एस.के.पूनमकसक किसानों की – एस.के.पूनम
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण घनाक्षरी (कसक किसानों की) लालिमा के संग जागे, टोकरी उठाए भागे, ढूंढ रहे फलियों में,श्रमदान महानों[...]
बहुत पछताओगे – गौतम भारतीबहुत पछताओगे – गौतम भारती
बड़े चीत्कार से पावन मन कहता कोई रंज नहीं , फिर क्यों ऐसी स्थिति आ गई? जब कोई प्रपंच नहीं[...]
मनहरन घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद रविमनहरन घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
और कोई काम नहीं, मिलता आराम नहीं, थक हार कर थोड़ा, सूर्य अलसाया है। चलता हूँ जिस पथ, देखता हूँ[...]
अमरों में नाम लिखा लेना – कुमकुम कुमारी “काव्याकृतिअमरों में नाम लिखा लेना – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति
चलते-चलते गर पग दुख जाय बैठ थोड़ा सुस्ता लेना। मगर धैर्य खोकर कभी तुम पग को पीछे ना हटा लेना।[...]
लाल रंग – मनु कुमारीलाल रंग – मनु कुमारी
मुझे लाल रंग भाता है। क्योंकि यह रंग है- मेरी खुशियों का, इन हसीन वादियों का। तुम्हारी बेपनाह चाहतों का,[...]
पर्यावरण दिवस – नीतू रानीपर्यावरण दिवस – नीतू रानी
आओ राजू आओ राधा पहन के कपड़ा हरा और सादा, चलो हमसब मिलकर पेड़ लगाए क्यूंँ करते हो देरी ज्यादा।[...]
