Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Jainendra Prasad Ravi

अदृश्य सत्ता- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’अदृश्य सत्ता- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 7:14 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद अखिल ब्रह्मांड बीच, कोई तो है सार्वभौम, जिसके इशारे बिना, पत्ता नहीं हिलता। धरती खनिज देती, सीप[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Kumkum

मेघा रे- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”मेघा रे- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 10:00 pm

आ जाओ रे मेघ, इतना मत न इतराओ। उजड़ रहा खलिहान,थोड़ा नीर बरसाओ।। हैं बहुत परेशान,तप रही धरा हमारी। कृपा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

मधुमास की घड़ी – एस.के.पूनममधुमास की घड़ी – एस.के.पूनम

0 Comments 7:37 pm

काली कच लहराई, विन्यास निखर आई, हाथों में मेंहदी लगे,प्रतीक्षा में थी खड़ी। सोलह श्रृंगार कर, वरमाला डाल कर, साक्षी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

उसे नित्य सींचिए – एस.के.पूनमउसे नित्य सींचिए – एस.के.पूनम

0 Comments 7:31 pm

विधा:-मनहरण घनाक्षरी कानन से वृक्ष कटे, शीत भरी छाया हटे, तप्त हुई वसुंधरा,नीर मत पीजिए। यत्र-तत्र कूडादान, चल पड़ा अभियान,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

कसक किसानों की – एस.के.पूनमकसक किसानों की – एस.के.पूनम

0 Comments 8:39 pm

🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण घनाक्षरी (कसक किसानों की) लालिमा के संग जागे, टोकरी उठाए भागे, ढूंढ रहे फलियों में,श्रमदान महानों[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra Prasad Ravi

मनहरन घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद रविमनहरन घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 8:35 pm

और कोई काम नहीं, मिलता आराम नहीं, थक हार कर थोड़ा, सूर्य अलसाया है। चलता हूँ जिस पथ, देखता हूँ[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Kumkum

अमरों में नाम लिखा लेना – कुमकुम कुमारी “काव्याकृतिअमरों में नाम लिखा लेना – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति

0 Comments 8:33 pm

चलते-चलते गर पग दुख जाय बैठ थोड़ा सुस्ता लेना। मगर धैर्य खोकर कभी तुम पग को पीछे ना हटा लेना।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Manu Raman Chetna

लाल रंग – मनु कुमारीलाल रंग – मनु कुमारी

0 Comments 8:25 pm

मुझे लाल रंग भाता है। क्योंकि यह रंग है- मेरी खुशियों का, इन हसीन वादियों का। तुम्हारी बेपनाह चाहतों का,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

पर्यावरण दिवस – नीतू रानीपर्यावरण दिवस – नीतू रानी

0 Comments 7:57 pm

आओ राजू आओ राधा पहन के कपड़ा हरा और सादा, चलो हमसब मिलकर पेड़ लगाए क्यूंँ करते हो देरी ज्यादा।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें