देखो पावन दिवस है आया, तन मन में उमंग है छाया, बच्चे बूढ़े या हो जवान, सबके जिव्हा एक ही[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
दिवाली का त्यौहार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’दिवाली का त्यौहार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
उत्साह उमंग संग दूधिया प्रकाश पर्व, साल भर बाद आता दीपावली का त्यौहार। आपस में सब मिल घरों की सफाई[...]
सादा भोजन -नीतू रानीसादा भोजन -नीतू रानी
खाना आलू,भात खाना न ज्यादा, ये होगा मोटापा को फायदा। तेल ,मसाला ज्यादा न खाना, पेट दर्द होकर होगा पाखाना।[...]
बच्चों का हुडदंग – जैनेन्द्र प्रसाद रविबच्चों का हुडदंग – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
जब भी दीवाली आता, बच्चों को बहुत भाता, भाग दौड़ कर निज, घरों को सजाते हैं। साफ कर घर-वार रंगाई[...]
नारी सबपर हो भारी – -नीतू रानीनारी सबपर हो भारी – -नीतू रानी
विषय -कमजोर कहाँ हो तुम नारी। नारी कमजोर कहाँ हो तुम नारी, हर क्षेत्र में सबपर हो भारी। तेरे साथ[...]
इंसान की कीमत – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’इंसान की कीमत – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
आदमी से कहीं ज्यादा पशु होता वफादार, मानव को त्याग हम, पालते हैं स्वान को। माता-पिता से भी ज्यादा करते[...]
सुबह की सैर – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’सुबह की सैर – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
शीतल पवन चली, दूब बिछी मखमली, सुंदर नजारा देख,कदम ठहरता। फैली हुई हरियाली, झुकी हुई धान बाली, फसलों को देखकर[...]
जीवन दीप जलाना सीखें – स्नेहलता द्विवेदीजीवन दीप जलाना सीखें – स्नेहलता द्विवेदी
हम सब प्रेम पुजारी मिलकर, जीवन दीप जलाना सीखें। जग में फैले अंधकार को, कर्म रश्मि नहलाना सीखें। अपना घर[...]
जगत निर्माता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’जगत निर्माता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
अगर कपूर धूप कंचन के थाल धर, आरती उतारें रोज गणेश की माता की। फल-फूल-अक्षत ले चरणों में सिर रख,[...]
माता की महिमा – संजय कुमारमाता की महिमा – संजय कुमार
माता की महिमा माता की महिमा अपरंपार करती हैं अपनी भक्तों का उद्धार। जो भी इनकी शरण मे आया दुःख[...]
