सपनों की ऊँचाई छूने को, हौसलों का दीप जलाने को, अभी कहाँ ठहरना है पथ में? अभी सफर अधूरा है[...]
Category: padyapankaj
Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
विशिष्ट शिक्षकविशिष्ट शिक्षक
–चलो पेड़ लगाएं- चलो, पेड़ लगाएं। चुन्नी – मुन्नी, चुन्नू मुन्नू , का भी मन बहलाएं, चलो, पेड़ लगाएं। छोटी[...]
आओ अभिनंदन करें – मनु कुमारीआओ अभिनंदन करें – मनु कुमारी
आओ अभिनंदन करें हम , देश के वीर जवानों का। जिसने हमेशा ध्वस्त किया है, दुश्मन के अरमानों का।। गूंज[...]
स्याही अनुभव की – अवनीश कुमारस्याही अनुभव की – अवनीश कुमार
ज़िंदगी के सफर में … बहुत कुछ देखा, बहुत कुछ सुना, बहुत कुछ सीखा, बहुत कुछ समझा। अरे ! समझा[...]
प्रकृति का संदेश – सुरेश कुमार गौरवप्रकृति का संदेश – सुरेश कुमार गौरव
चलो चलें उस शांत वन में, जहाँ बसी है प्राण धुन में। पत्तों की बोली बह रही है, हरियाली के[...]
सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय – नूतन कुमारीसर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय – नूतन कुमारी
उन्नति करें हम सब यों ही, सब संभव होगा, है विश्वास, अग्रणी होगा देश प्रतिपल, सबका साथ, सबका विकास। जन-जन[...]
मानवता का हित करें – मनु कुमारीमानवता का हित करें – मनु कुमारी
(दोहा छंद) मानवता का हित करें, चलें नेम आचार। दीन दुखी से प्रेम हो, करिये पर उपकार।। क्रोध अगर कोई[...]
अलख जगाना है – मृत्युंजय कुमारअलख जगाना है – मृत्युंजय कुमार
नन्हें-मुन्हें बच्चों में शिक्षा का अलख जगाना है। राष्ट्र- निर्माता होने का अपना फर्ज निभाना है।। समाज के दबे-पिछड़ों को[...]
आलोचना एवं समालोचना – सुरेश कुमार गौरवआलोचना एवं समालोचना – सुरेश कुमार गौरव
आलोचना सत्य हो, रहे उचित आधार, मन को चोट दे नहीं, बोले मधुर विचार। कटु वाणी की धार से, न[...]
हस्त प्रक्षालनम्- राम किशोर पाठकहस्त प्रक्षालनम्- राम किशोर पाठक
हस्त प्रक्षालनम्, हस्त प्रक्षालनम्! फेनकम्, घर्षणम्, हस्तौ घर्षणम्। हस्तयो: पृष्टाभ्याम् घर्षणम्।। अंगुल ग्रास घर्षणम्। जलेन सर्व प्रक्षालनम्! हस्त प्रक्षालनम्! पूर्वे[...]
