पत्तियां है हरी-हरी, वृक्ष लगे जैसे परी, पेड़ों में झूमते ये -पुष्प अमलतास के। खुब जब मिले प्यार, हंसता है[...]
Category: padyapankaj
Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
परिवार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’परिवार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद (विश्व परिवार दिवस पर) दुख में किनारा देता, जीने का सहारा होता, हरेक गम का साथी, होता[...]
मेरी तन्हाई – मनु रमण चेतनामेरी तन्हाई – मनु रमण चेतना
रोजमर्रा की जिन्दगी में भागदौड़, परेशानी,थकावटें तनाव और बहुत सारी उलझनें इन उलझनों में सिमटकर रह जाती है जिंदगी पर[...]
कुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’कुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
माता की आराधना, करो सदा प्रणिपात। अंतर्मन के भाव में, भरो नहीं आघात।। भरो नहीं आघात, कर्म को सुंदर करना।[...]
माँ को निहारता है- एस.के.पूनममाँ को निहारता है- एस.के.पूनम
दुग्ध की प्रथम धार, माता का असीम प्यार, बाल क्षुधा तृप्त हुआ,माँ को निहारता है। आँचल पकड़ कर, धीरे-धीरे चल[...]
माँ – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’माँ – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
निज कर्म से इंसान, बनाता है पहचान, पिता तो पालक होते, जन्म देती माता है। बच्चों को देती संस्कार, सिखाती[...]
मेरी मां – विवेक कुमारमेरी मां – विवेक कुमार
आओ सुनाता हूं अपनी कहानी, निःस्वार्थ प्रेम की कहानी, अपनी जुबानी मां के छोटे शब्द में ब्रह्मांड है समाई, दुख[...]
प्यार लुटाती है माँ – मीरा सिंह “मीरा”प्यार लुटाती है माँ – मीरा सिंह “मीरा”
नेह सुधा छलकाती है माँ कितना प्यार लुटाती है माँ। आंखों से झड़ते हैं मोती दूर कभी जब जाती है[...]
नर्स – एस.के.पूनमनर्स – एस.के.पूनम
नर्स धरा पर आई, बहन का नाम पाई, सेवा भाव साथ लाई,वही अभिमान है। छुआछूत दूर रहे, दीन-दुखी प्रिय कहे,[...]
नर्स – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नर्स – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
विश्व नर्स दिवस पर विशेष रात दिन जाग कर , एक पैर भाग कर, रोगियों की सेवा करें- बन देवदूत[...]
