Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Jainendra

पुष्प अमलतास के – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’पुष्प अमलतास के – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 4:38 am

पत्तियां है हरी-हरी, वृक्ष लगे जैसे परी, पेड़ों में झूमते ये -पुष्प अमलतास के। खुब जब मिले प्यार, हंसता है[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

परिवार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’परिवार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 4:37 am

मनहरण घनाक्षरी छंद (विश्व परिवार दिवस पर) दुख में किनारा देता, जीने का सहारा होता, हरेक गम का साथी, होता[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Manu Raman Chetna

मेरी तन्हाई – मनु रमण चेतनामेरी तन्हाई – मनु रमण चेतना

0 Comments 4:36 am

रोजमर्रा की जिन्दगी में भागदौड़, परेशानी,थकावटें तनाव और बहुत सारी उलझनें इन उलझनों में सिमटकर रह जाती है जिंदगी पर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Devkant

कुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’कुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 6:15 pm

माता की आराधना, करो सदा प्रणिपात। अंतर्मन के भाव में, भरो नहीं आघात।। भरो नहीं आघात, कर्म को सुंदर करना।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
S K punam

माँ को निहारता है- एस.के.पूनममाँ को निहारता है- एस.के.पूनम

0 Comments 9:54 pm

दुग्ध की प्रथम धार, माता का असीम प्यार, बाल क्षुधा तृप्त हुआ,माँ को निहारता है। आँचल पकड़ कर, धीरे-धीरे चल[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

माँ – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’माँ – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:51 pm

निज कर्म से इंसान, बनाता है पहचान, पिता तो पालक होते, जन्म देती माता है। बच्चों को देती संस्कार, सिखाती[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Vivek kumar

मेरी मां – विवेक कुमारमेरी मां – विवेक कुमार

0 Comments 9:49 pm

आओ सुनाता हूं अपनी कहानी, निःस्वार्थ प्रेम की कहानी, अपनी जुबानी मां के छोटे शब्द में ब्रह्मांड है समाई, दुख[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

प्यार लुटाती है माँ – मीरा सिंह “मीरा”प्यार लुटाती है माँ – मीरा सिंह “मीरा”

0 Comments 9:47 pm

नेह सुधा छलकाती है माँ कितना प्यार लुटाती है माँ। आंखों से झड़ते हैं मोती दूर कभी जब जाती है[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

नर्स – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नर्स – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 6:10 pm

विश्व नर्स दिवस पर विशेष रात दिन जाग कर , एक पैर भाग कर, रोगियों की सेवा करें- बन देवदूत[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें