बड़े चीत्कार से पावन मन कहता कोई रंज नहीं , फिर क्यों ऐसी स्थिति आ गई? जब कोई प्रपंच नहीं[...]
Category: padyapankaj
Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
मनहरन घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद रविमनहरन घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
और कोई काम नहीं, मिलता आराम नहीं, थक हार कर थोड़ा, सूर्य अलसाया है। चलता हूँ जिस पथ, देखता हूँ[...]
अमरों में नाम लिखा लेना – कुमकुम कुमारी “काव्याकृतिअमरों में नाम लिखा लेना – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति
चलते-चलते गर पग दुख जाय बैठ थोड़ा सुस्ता लेना। मगर धैर्य खोकर कभी तुम पग को पीछे ना हटा लेना।[...]
लाल रंग – मनु कुमारीलाल रंग – मनु कुमारी
मुझे लाल रंग भाता है। क्योंकि यह रंग है- मेरी खुशियों का, इन हसीन वादियों का। तुम्हारी बेपनाह चाहतों का,[...]
पर्यावरण दिवस – नीतू रानीपर्यावरण दिवस – नीतू रानी
आओ राजू आओ राधा पहन के कपड़ा हरा और सादा, चलो हमसब मिलकर पेड़ लगाए क्यूंँ करते हो देरी ज्यादा।[...]
पेड़ है जीवन का आधार – मनु कुमारीपेड़ है जीवन का आधार – मनु कुमारी
पेड़ लगाओ ,पेड़ बचाओ । वृक्षारोपण की राह अपनाओ।। पेड़ से मिलती है शुद्ध हवा। जो है कई रोगों की[...]
जमाना आजकल – नीतू रानीजमाना आजकल – नीतू रानी
जमाना आजकल जमाना आजकल जो हो रहा, अपना परिवार अपनों से हीं बिछड़ रहा। जमाना आजकल जो हो रहा, अपनों[...]
सोहर – नीतू रानीसोहर – नीतू रानी
आज दिनांक-22/05/2024 को 20वीं सदी के महान संत महर्षि मेॅ॑हीॅ॑ परमहंसजी महाराज की 140 वीँ जयंती समारोह है ,हम सपरिवार[...]
विवाद का परिणाम – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’विवाद का परिणाम – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
एक बिल्ली ने रोटी पाई दूसरे ने भी आँख गड़ाई, इतने पर दोनों आपस में करने लगे छीना- झपटी। एक[...]
बेटी की विदाई – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बेटी की विदाई – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
चहुंँओर खुशी छाई,बज रही शहनाई, परिजन नाच रहे, खुशी का है अवसर। विवाह के बाद जब, विदाई की आई घड़ी,[...]
