Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Suresh-kumar-gaurav

भारत नववर्ष चैत्र मास- सुरेश कुमार गौरवभारत नववर्ष चैत्र मास- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 6:51 pm

प्रकृति प्रदत्त इस नव वर्ष चैत्र मास का, जब होता शुभ प्रवेश! पेड़-पौधों, फूल, मंजरी,कलियों में ,तब आ जाते नव[...]

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Suresh-kumar-gaurav

जीवन मार्ग- सुरेश कुमार गौरवजीवन मार्ग- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:59 pm

जीवन की ये कटु सच्चाई है कि असफलताओं के बिना प्रगति नहीं। चढ़ते-चढ़ते गिरना फिर उठना संभलकर कदम आगे को[...]

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Suresh-kumar-gaurav

गुरु और शिष्य”- सुरेश कुमार गौरवगुरु और शिष्य”- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:57 pm

जब बालपन और बालमन था तब गुरुओं ने ही ज्ञान पिपासा से जोड़ा भविष्य के मुहाने पर ला सुपथ पर[...]

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Jainendra

स्वास्थ्य मंत्र- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’स्वास्थ्य मंत्र- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:31 pm

दूर होंगे कष्ट सारे, निरोग रहोगे प्यारे, रोज दिन कुछ देर कसरत करना। राम-राम भज कर, आलस को तज कर,[...]

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Suresh kumar gaurav

प्रकृति जीवन प्रभात- सुरेश कुमार गौरवप्रकृति जीवन प्रभात- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:16 pm

हुआ सबेरा जाग उठा जीवन प्रभात! धरा की दूब पर मोती स्वरुप ओस हैं पड़े मंद-मंद वयार ताजगी के फूल[...]

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Suresh kumar gaurav

जीवन एक कर्म बंधन- सुरेश कुमार गौरवजीवन एक कर्म बंधन- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:59 pm

जीवन एक विश्वास रुपी है अनोखा बंधन, रक्त के तो कहीं बिना रक्त के कहलाते बंधन, हर्ष-विषाद,खट्टी-मीठी और अनोखी यादों[...]

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Suresh kumar gaurav

सदा उपयोगी साईकिल- सुरेश कुमार गौरवसदा उपयोगी साईकिल- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:38 pm

साईकिल की सवारी अब भी है खूब बड़ी न्यारी, चुस्त दुरुस्त रखती, प्रदूषण रहित है बड़ी प्यारी। जब पहली बार[...]

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Jaykrishna

मिट्टी का खिलौना- जयकृष्णा पासवानमिट्टी का खिलौना- जयकृष्णा पासवान

0 Comments 8:24 pm

मैं मिट्टी हूं मगर एक आकार का प्यासा हूँ। कोमल हाथों से एक आकृति प्रदान कर दीजिए।। मैं इस उपकार[...]

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Suresh-kumar-gaurav

नवांकुर पौधा- सुरेश कुमार गौरवनवांकुर पौधा- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:12 pm

नवांकुर पौधा इसके उपर रंग-बिरंगे सुंदर फूल खिले, बैठे खगों के सुंदर मीठे स्वर वातावरण में मिश्री घोले। कोंपल से[...]

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Jainendra

मौसम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मौसम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:29 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद रोज दिन पल-पल, मौसम बदल रहा, सेंकने को मन करे, बैठ खिली धूप को। जो रहेंगे सावधान,[...]

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