जिन्हें विश्वास हो खुद पर, सदा आगे वो बढ़ जाते। करते कर्म की पूजा,कर्मयोगी वो कहलाते। नहीं करते शिकवा वो,नहीं[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
उपदेश देते हैं – एस.के.पूनमउपदेश देते हैं – एस.के.पूनम
🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-मनहरण विषय:-उपदेश देते हैं बाल कृष्ण सखा संग, बन कर गुरु अंग, रहकर कुटिया में,गुरुमंत्र लेते हैं। बैठे[...]
वटसावित्री – नीतू रानीवटसावित्री – नीतू रानी
हे बहिना पिया लय केलौं वटसावित्री त्योहार हे, खायके अरबा फलाहार हे ना। हे बहिना——-२। पिया संग गेलौं हम बाज़ार[...]
मौसम बहार के – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मौसम बहार के – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
दूर रख शिकवे गिले, आपस में मिलें गले, झूमती हैं आनंद में, गांव की ये गलियाँ। चल रही पुरवाई, खिल[...]
माँ और मायका – नीतू रानीमाँ और मायका – नीतू रानी
माँ से मायका पिता से सम्मान, ये दोनों के नहीं रहने से अपमान हीं अपमान। माँ है तो मायके के[...]
पुष्प अमलतास के – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’पुष्प अमलतास के – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
पत्तियां है हरी-हरी, वृक्ष लगे जैसे परी, पेड़ों में झूमते ये -पुष्प अमलतास के। खुब जब मिले प्यार, हंसता है[...]
परिवार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’परिवार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद (विश्व परिवार दिवस पर) दुख में किनारा देता, जीने का सहारा होता, हरेक गम का साथी, होता[...]
मेरी तन्हाई – मनु रमण चेतनामेरी तन्हाई – मनु रमण चेतना
रोजमर्रा की जिन्दगी में भागदौड़, परेशानी,थकावटें तनाव और बहुत सारी उलझनें इन उलझनों में सिमटकर रह जाती है जिंदगी पर[...]
कुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’कुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
माता की आराधना, करो सदा प्रणिपात। अंतर्मन के भाव में, भरो नहीं आघात।। भरो नहीं आघात, कर्म को सुंदर करना।[...]
माँ को निहारता है- एस.के.पूनममाँ को निहारता है- एस.के.पूनम
दुग्ध की प्रथम धार, माता का असीम प्यार, बाल क्षुधा तृप्त हुआ,माँ को निहारता है। आँचल पकड़ कर, धीरे-धीरे चल[...]
