गीत छंद – गीतिका मात्रा — १४ २१२२ २१२२ , २१२२ २१२२ छोड़ दो तकरार सारे , प्रेम से कुछ[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
हवा में वासंतिक महक- सुरेश कुमार गौरवहवा में वासंतिक महक- सुरेश कुमार गौरव
खिल उठते चहुंओर फूल, सुंदर महक पलाश के प्रकृति ने फगुई फाल्गुन को,खूब लाया तलाश के। प्रेम यौवन का मधुमास,[...]
हमारा मुल्क- जयकृष्णा पासवानहमारा मुल्क- जयकृष्णा पासवान
सोना था सोनाली कितनी, मुल्क हमारा परम निशान। देश में आकर बिखर गया, अंग्रेजी शासन का ऐलान।। सब भेदों से[...]
नहीं परेशान हों- एस.के.पूनमनहीं परेशान हों- एस.के.पूनम
विद्या:-मनहरण घनाक्षरी🌹 शीत का शीलन घटे, ऊर्जा का प्रवाह बढ़े, खेत-खलिहान सजे,सुखद किसान हो। गेहूं की बालियां झुमे, खर-पतवार दिखे,[...]
आन बान आउर शान बा- विवेक कुमारआन बान आउर शान बा- विवेक कुमार
आन बान आउर शान बा, तिरंगा हम्मर जान बा, मर जाईब, मिट जाईब, इसकी खातिर दुनिया से भी लड़ जाईब,[...]
सर्दी – अनुप्रियासर्दी – अनुप्रिया
गर्मी दीदी के जाते ही सर्दी रानी आयी। हमें सताती हमें डराती रौब जमाती आयी। हमें बचाने को हैं उनसे[...]
सुनैय तबनह- जयकृष्णा पासवानसुनैय तबनह- जयकृष्णा पासवान
हमरो बतिया सुनैय तबनह, आपन गीत गबैय छै । गांव के मुखिया वार्ड कमिश्नर मोच पे तांव दिखाबैय छै ।।[...]
प्रेम बड़ा अनमोल रतन है-मीरा सिंह “मीराप्रेम बड़ा अनमोल रतन है-मीरा सिंह “मीरा
प्रेम से हुआ जग रोशन हैं जीवन लगता सुखद सपन है। दुनिया लगती बहुत सुहानी प्रेम बड़ा अनमोल रतन है।।[...]
भारत विविधताओं में भी एकता का प्रतीक’-सुरेश कुमार गौरवभारत विविधताओं में भी एकता का प्रतीक’-सुरेश कुमार गौरव
भारतीय संस्कृति का सदा बजता रहा है, विश्व में डंका, भारतीय जनमानस में क्या रहनी चाहिए कोई भी शंका? जहां[...]
शांति का विकल्प-जैनेन्द्र प्रसाद रविशांति का विकल्प-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
मनहरण घनाक्षरी छंद जब कभी युद्ध होता, शांति को मानव खोता, द्वंद में विनाश छिपा, संतों का है कहना। प्रेम[...]
