समय/काल दोहे समय नहीं है छोड़ता,चाहे हो बलवान। युग आए ठहरे नहीं,थोड़े दिन की शान।। समय परख सज्जन चले,दुर्जन खोए मान। पार्थ लिए श्री कृष्ण से,दुर्योधन हतवान।। ठहरा जो सड़ता…
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
बरसात और संयम – अमरनाथ त्रिवेदी
बरसात और संयम सावन भादो बरसे पानी , बादल खूब करे मनमानी । खेतों में खूब पानी लगता , किसानों का मन बहुत चहकता । वर्षा का है समय सुहाना…
बारिश संग स्वास्थ्य – राम किशोर पाठक
बारिश संग स्वास्थ्य जब-जब भी बारिश आती है। संग समस्या भी लाती है।। ताल-तलैया भर जाते हैं। धूल मार कीचड़ आते हैं।। सड़ना गलना भी होता है। बदबू भी फैला…
बारिश और स्वास्थ्य – अमरनाथ त्रिवेदी
बारिश और स्वास्थ्य बारिश का मौसम आ गया अब सुहाना , बरसता है पानी , बरसता फसाना । जिधर देखें उधर पानी का नजारा , क्या हो सड़क हो क्या अखाड़ा…
सपने लेकर वर्षा आई- गीतिका – राम किशोर पाठक
सपने लेकर वर्षा आई- गीतिका सपने लेकर वर्षा आई। जीवन की बगिया मुस्काई।। हरी चुनरिया ओढ़ी धरती। तरुवर में आई तरुणाई।। पर यह कभी भयानक होती। मिलती इससे भी रुसवाई।।…
मंजिल तुझे पुकारे – दिग्पाल छंद बाल गीत – राम किशोर पाठक
मंजिल तुझे पुकारे – दिग्पाल छंद बाल गीत बच्चों कभी न रोना, हिम्मत कभी न खोना। मंजिल तुझे पुकारे, थककर कभी न सोना।। यह फर्ज है तुम्हारा, करके सदा दिखाओ।…
विद्यालय में आओ – ध्रुव छंद – राम किशोर पाठक
विद्यालय में आओ – ध्रुव छंद विद्यालय में आओ, लेने ज्ञान। करते रहते गुरुजन, दिशा प्रदान।। नित्य नया कुछ सीखें, बनें उदार। जीवन मंत्र मिला है, करिए प्यार।। अपनी कमी…
शिक्षा – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
शिक्षा शिक्षा का सरोकार ज़ब बाजार बन गया , इंसान जो इंसान था बेईमान बन गया। आ जाओ जरा झाँक मन अपना देख ले , काला और स्याह हिंदुस्तान बन…
काले रंग में छिपा उजास
काले रंग में छिपा उजास Hidden Light in the Black Colour…… काला है, फिर भी खाली नहीं, हर रेखा में बसी कहानी कहीं। ब्लैकबोर्ड की सतह पे जो दिखता नहीं,…
देवभाषा संस्कृत – अमरनाथ त्रिवेदी
देवभाषा संस्कृत उन्नति हो नित देवभाषा की , हो तब नित जीवन की आस । प्रेम , सद्भाव , विश्वास जगत में , हो तब हर जन के पास…