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एक पौधा लगाऊंगा
एक पौधा लगाऊंगा,
उसमें रोज पानी डालूंगा।
जंगल-झाड़ काटकर,
साफ-सुथरा रखूंगा,
जब पौधा बड़ा हो जाए,
उसके छांव में बैठूंगा।
फिर झूला झूलूंगा,
फल तोड़ घर लाऊंगा,
दोस्तों को यह बतलाऊंगा,
एक पौधा लगाऊंगा।
स्वरचित
राम बाबू राम
प्रधान शिक्षक
नव. प्रा. वि. सदाटोल ईमादपुर, गढ़पुरा (बेगूसराय)

