बजाते हैं सब देखो ढोल। फाग क्या होती अम्मा बोल।। सभी जो करते हैं हुड़दंग। तभी तो जो जाता हूँ[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
बसंत की बहार- मुन्नी कुमारीबसंत की बहार- मुन्नी कुमारी
बसंत की बहार है, वर्षा की फुहार है। रंगों का त्योहार है, आया खुशियों का बौछार है। सूरज की किरणे[...]
पैगाम – राम किशोर पाठकपैगाम – राम किशोर पाठक
दीवानों का हाल सुनाने, संग लिए अपने पैगाम। कुसुमाकर है दौड़ा आया, बैठे हम अपना चित थाम। रंग-गुलाल हवा है[...]
भरे हुए भंडार समय पर लूटो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’भरे हुए भंडार समय पर लूटो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
भाग गया है शीत,निकल कर देखो। बाहर किरणें प्रीत,निकल कर देखो।। जो था कल तक ठोस,पिघलते देखो। बूॅंदें अटकीं ढीठ,[...]
किनारा-रूचिकाकिनारा-रूचिका
किनारों पर खड़ा होकर गहराई का अंदाजा लगा नही सकते, बिना चोट के दर्द कितना ये कहाँ कभी बता सकते।[...]
युवा-कुमारी रूपरानी युवा-कुमारी रूपरानी
“युवा हैं हमारे देश की शान आओ मिलकर करें सलाम।। अपने जीवन को ना करो ध्रुमपान और मादक द्रव में[...]
पुलवामा के वीरों को नमन-कार्तिक कुमारपुलवामा के वीरों को नमन-कार्तिक कुमार
14 फ़रवरी का दिन था, दर्द भरी वह घड़ी आई, पुलवामा की धरती रो पड़ी, जब वीरों पर आफ़त छाई।[...]
जल ही जीवन है-आशीष अम्बरजल ही जीवन है-आशीष अम्बर
जल से ही तो है जीवन, जल से ही तो यह धरती हैं । उपयोग करें हम सूझबूझ से, व्यर्थ[...]
हौसलों की उड़ान – राम किशोर पाठकहौसलों की उड़ान – राम किशोर पाठक
पा जाते हर लक्ष्य हम, बिना किसी व्यवधान। मन लेता है जब वहाँ, हौसलों की उड़ान।। बाधाओं को चीर कर,[...]
फागुन-राम किशोर पाठकफागुन-राम किशोर पाठक
अन्न भरा खेतों में, मन को भाया है। हलचल अब रेतों में, फागुन आया है।। सरसों पीली फूले, मस्ती से[...]
