सूर्य अकेला ही विचरता है, जगत् का तम वह हरता है, एक राशि से दूसरे राशि में प्रवेश करे, तो[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
गौरैया-रूचिकागौरैया-रूचिका
बड़ी मुश्किल से दिखती हैं, गौरैया आजकल छत के मुंडेरों पर घर के आँगन में अब उसका चहकना कानों में[...]
विलुप्त हो गई गौरैया-नीतू रानीविलुप्त हो गई गौरैया-नीतू रानी
गौरैया दिवस मनाइए, गौरैया को घर में बसाइए। जब से बना पक्का का मकान, गौरैया की उड़ गई मुस्कान। घर[...]
रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
भाग गया है शीत,निकल कर देखो। बाहर किरणें प्रीत,निकल कर देखो।। पगडंडी के प्रांत,आज है भारी। हरियाली है मगन,मार सिसकारी।।[...]
मानवता- राम किशोर पाठक मानवता- राम किशोर पाठक
ज्ञानी जन चिंतन करें, मानव कर्म विमर्श। कुंठित मानवता हुई, कैसे हो शुभ दर्श।। कैसे हो शुभ दर्श, वर्ष नव[...]
Just alone-Avdhesh kumar Just alone-Avdhesh kumar
I often find myself alone I cry alone , I gathered myself alone After all , solitude too Turns out[...]
बुद्ध की पावन धरा-राम किशोर पाठक बुद्ध की पावन धरा-राम किशोर पाठक
बुद्ध की पावन धरा। दिव्यता से है भरा।। है रमा जन्मस्थली। बोल मगही मैथिली।। अंगिका सह भोजपुरी। शिल्क है भागलपुरी।।[...]
मर्यादा पुरुषोत्तम-राम किशोर पाठक मर्यादा पुरुषोत्तम-राम किशोर पाठक
बुलाते हैं प्यारे, सकल जन राजा भजन में। अधोगामी सारे, सहज तर जाते शरण में।। पिता आज्ञा से जो, गहन[...]
राम वन से आ गये- राम किशोर पाठक राम वन से आ गये- राम किशोर पाठक
राम वन से आ गये। देवता बन भा गये।। सूचना से राष्ट्र में। हर्ष पूरे छा गये।। शोक चौदह साल[...]
दहि तू एक्जाम रे ना -मनु कुमारीदहि तू एक्जाम रे ना -मनु कुमारी
नुनू खुशी – खुशी से दहि तू एक्जाम रे, पाबिहैं बड़ा मुकाम रे ना। परीक्षा में डरै के नय कोनो[...]
