किशोरी छंद गीत – पदांत गुरु-गुरु अनिवार्य – राम किशोर पाठक प्रेम पुष्प से जीवन को नित, महकाओ। कभी किसी[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
जन गण मन हम गाते हैं-नीतू रानीजन गण मन हम गाते हैं-नीतू रानी
तिरंगा दिवस मनाएंँगे जय- जय कार लगाएँगे, इस झंडे के नीचे हम सब शीश झकाएँगे ऊपर तिरंगा फहराएँगे। तिरंगा दिवस[...]
स्वच्छता जागरूकता- कार्तिक कुमारस्वच्छता जागरूकता- कार्तिक कुमार
स्वच्छ रहेंगे, स्वस्थ रहेंगे। मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे। घर-आँगन साफ़ बनाएँ। कूड़ा कभी नहीं फैलाएँ। विद्यालय सुंदर चमकाएँ। सबको स्वच्छता[...]
मिट्टी मॉडलिंग-कार्तिक कुमारमिट्टी मॉडलिंग-कार्तिक कुमार
मिट्टी से सुंदर रूप बनाएँ। नई-नई कलाएँ अपनाएँ। हाथी, घोड़ा, फूल बनाएँ। गुड़िया, दीपक खूब सजाएँ। छोटे-छोटे खिलौने गढ़ें। मिलकर[...]
कचरा पृथक्करण- कार्तिक कुमारकचरा पृथक्करण- कार्तिक कुमार
गीला-सूखा कचरा बाँटें। स्वच्छता की राह को थामें। हरा डिब्बा, नीला डिब्बा। सही जगह पर डालें कचरा। प्लास्टिक अलग, कागज़[...]
“ज्ञानी ककहरा “-संतोष कुमार“ज्ञानी ककहरा “-संतोष कुमार
क से कबूतर हम पढ़ते हैं, ख से खरगोश है, उजला – उजला, ग से गमला में पौधे लगाना, घ[...]
शिक्षक तुम सृजन हो-कार्तिक कुमारशिक्षक तुम सृजन हो-कार्तिक कुमार
शिक्षक तुम सृजन हो, ज्ञान की अमर निशानी हो, शिक्षक तुम विनाश की अकथ कहानी हो। अज्ञान के अंधेरों का[...]
“एक आह” – स्मिता ठाकुर“एक आह” – स्मिता ठाकुर
मन ने चाहा बस इतना, कोई अपना इतने पास रहे। दो मीठे से बोल कहे, थोड़ा-सा विश्वास रहे। लेकिन सूनी[...]
गाय-कार्तिक कुमारगाय-कार्तिक कुमार
गाय हमारी माता है, सबसे प्यारी, सबसे न्यारी। दूध, दही और घी देकर, करती जीवन की रखवाली। सीधी-सादी, शांत स्वभाव[...]
एक छोटा बच्चा था-कार्तिक कुमारएक छोटा बच्चा था-कार्तिक कुमार
एक छोटा बच्चा था, मन से बड़ा सच्चा था। नन्हे-नन्हे उसके सपने, आँखों में उजियारा था। मीठी उसकी प्यारी बोली,[...]
