रोग-मुक्त निज तन पाइए। योग सहज जब अपनाइए।। दूर भगाओ आलस्य को। खाना उत्तम है शस्य को।। सुबह टहलना व्यायाम[...]
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
योग का महत्व-आशीष अम्बरयोग का महत्व-आशीष अम्बर
नित्य जो करता मानव योग , रहे जीवन में सदा निरोग । ऋषि – मुनियों ने प्रतिपादित किया, सत्य में[...]
योग- राम किशोर पाठकयोग- राम किशोर पाठक
बात मेरी मानकर अब आइए। योग जीवन अंग है अपनाइए।। जोड़ने की सीख सबमें यह भरे। स्वस्थ तन दे रोग[...]
योग-रत्ना प्रियायोग-रत्ना प्रिया
सहज, सरल, स्वभाव मधुर, मुख पर हँसी का योग हो, स्वस्थ तन हो, मन प्रसन्न, ऐसा अनुपम संयोग हो। स्वस्थ[...]
वृक्ष- राम किशोर पाठकवृक्ष- राम किशोर पाठक
वृक्ष है जीवन हमारा, क्यों किया इसका विनाश। कर रहे हो फिर भला क्यों, शुद्ध संचारी तलाश।। ताप जब बढ़ता[...]
जल ही जीवन है-राम किशोर पाठकजल ही जीवन है-राम किशोर पाठक
जल ही जीवन विचार लाओ। अपनी धरती निहार आओ।। प्यासे कब-तक भला सहेंगे। दिन कितने हम बचे रहेंगे।। धरा-ताप जब[...]
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस- अमरनाथ त्रिवेदीअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस- अमरनाथ त्रिवेदी
आत्मचिंतन से निकली ऊर्जा ज़ब भोग का नाश कराती है । तभी योग उमड़ता जीवन में , यह शरीर से[...]
शशि नभ मंडल, आए कैसे-राम किशोर पाठकशशि नभ मंडल, आए कैसे-राम किशोर पाठक
शशि नभ मंडल, आए कैसे? नित छवि नूतन, पाए कैसे? हरपल शीतल, दे अंजोरा। तन रखता निज, गोरा-गोरा।। हम सबका[...]
गर्मी आई-ब्यूटी कुमारीगर्मी आई-ब्यूटी कुमारी
गर्मी आई लू बरसाई , सूरज की तेज तपिश । धरती पर छाई लू की कहर, निकल ना पाते घर[...]
बाल श्रम नहीं, पढ़ने की उम्र है-राहुल कुमार रंजनबाल श्रम नहीं, पढ़ने की उम्र है-राहुल कुमार रंजन
खेलने-कूदने की उम्र है, अभी बढ़ने दो, नन्हे हाथों में काम नहीं, सपने रहने दो। कंधों पर बस्ते सजने दो,[...]
