नारी के सम्मान की, आज लगी है होड़। पुरुष बिचारा कर रहा, घर-बाहर कर-जोड़।। घर-बाहर कर-जोड़, करे दिल को समझाए। आधा निज का अंग, उसे सामर्थ्य दिखाए।। खुशी आज चहुँओर,…
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देवी अवतारी -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
संसार की माता बन संतानों को पालती हैं, सृष्टि की कीमती रत्न, दुनिया में नारी है। घर हो या राजनीति तालमेल बैठाती है, जीवन सफ़र पर, कभी नहीं हारी है।…
करूणा की धारा – मनु कुमारी
ममता की मूरत है वो, करूणा की निर्मल धारा है। मां ,बहन ,पत्नी ,सखी रूप में,रिश्तों की बगिया को संवारा है। रात- रात भर जागके जिसने,निज संतति को पाला है।…
वंदनीय होता है हर-पल, नारी का हर रूप-राम किशोर पाठक
वंदनीय होता है हर-पल, नारी का हर रूप। उसके सारे रूप निराले, लगते बड़े अनूप।। धीरज धरती सा रखती हैं, पर्वत सा विश्वास। नदियों जैसी बहती हर-पल, लेकर सदा मिठास।।…
नारी एक”कल्पना”- बिंदु अग्रवाल
हाँ !मैं कल्पना हूँ उस परमपिता परमेश्वर की, जिसने मुझे यह स्वरूप दिया, साथ ही दिया एक कोमल हृदय। सहनशक्ति दी धरती सी, और पवन सा वेग दिया। एक मूक…
बेटियाँ-आशीष अम्बर
बेटियाँ दोनों कुल की मर्यादा है, उनसे ही होता कुल का वैभव । उसी के वश में सृजन सृष्टि है, रहती हरदम सबके लिए सुलभ । खेलकूद में भी बेटियों…
मैं नारी हूं -ब्यूटी कुमारी
प्रकृति की अनुपम छवि है नारी, सहनशील वसुंधरा, चंदा सी उजियारी शारदा की वीणा, मां दुर्गा की कटारी, मैं अवतारी हूं, हां मैं नारी हूं । उपवन की शोभा फुलवारी, …
नारी तूँ नारायणी-नीतू रानी
नारी तूँ नारायणी तुम हो शिव की अर्द्धांगिनी, तुम्हीं हो कृष्ण की राधा रानी तुम्हीं हो घर की महारानी, तुम हो सबका दुःख हारिनी तुम्हीं हो साक्षात लक्ष्मी नारायणी, नारी…
करो नारी का सम्मान-आशीष अम्बर
नारी तुम प्रेम हो , आस्था हो, विश्वास हो , टूटी हुई उम्मीदों की एकमात्र आस हो । हर जान का तुम्ही तो आधार हो, उठो अपने अस्तित्व को सम्भालो…
नारी शक्ति-लवली कुमारी
हां मैं एक औरत हूं । सृष्टि की निर्माणकर्ता समर्पण ममता की मूरत त्याग बलिदान, कोमलता की सीरत प्रतिदिन घर के कामों में खुद को व्यस्त रखना पूजा की वंदना …