Category: Shakshanik

Punam Kumari

स्वस्थ जीवन, सुखी जीवन-पुनम कुमारीस्वस्थ जीवन, सुखी जीवन-पुनम कुमारी

0 Comments 3:08 pm

स्वस्थ तन में स्वस्थ मन का, होता सुंदर वास। स्वास्थ्य रहे तो जीवन में, जगती नई मिठास॥ सुबह-सुबह जब सूरज[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

उलझन सुलझाएं -धर्मेंद्र कुमार ठाकुरउलझन सुलझाएं -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 1:45 pm

गणित की दो धाराएँ: ल.स. और म.स. गणित नगर के दो हैं भाई, दोनों ने अद्भुत महिमा पाई। एक ढूँढता[...]

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Mritunjay Kumar

पेड़ लगाएँ, प्रकृति को हरा-भरा बनाएँ -मृत्युंजय कुमारपेड़ लगाएँ, प्रकृति को हरा-भरा बनाएँ -मृत्युंजय कुमार

0 Comments 1:39 pm

आओ, हम सब पेड़ लगाएँ, प्रकृति को हरा-भरा बनाएँ। हरियाली फैलाएँगे, पर्यावरण को स्वच्छ बनाएँगे। एक-एक पेड़ लगाना है, धरती[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

अद्भुत कारखाना – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अद्भुत कारखाना – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 1:31 pm

  है उलझन बड़ी विकराल, समझ न पाया इसको कोई, इस छोटे से पेट में देखो, कैसी जादूगरी है सोई।[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

धरती का श्रृंगार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर धरती का श्रृंगार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 1:11 pm

धरती का शृंगार निराला, हरी चुनरिया धानी है, ये पेड़, ये पौधे, ये दूब-घास, कुदरत की अमिट कहानी है। पूछता[...]

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प्रकृति की अनमोल विरासत — उमेश कुमार सिन्हा ‘ ‘निर्देशक ‘प्रकृति की अनमोल विरासत — उमेश कुमार सिन्हा ‘ ‘निर्देशक ‘

0 Comments 12:56 pm

नीले नभ की छत्रछाया में, धरा अनोखी रानी है, पर्वत इसके मुकुट सुहाने, नदियों की कल्याणी है। रंग-बिरंगे फूलों से[...]

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Umesh kumar sinha

हम प्रकृति के पेड़ बेचारे – उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘हम प्रकृति के पेड़ बेचारे – उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘

0 Comments 11:15 pm

 प्रकृति के पेड़-पौधे हम बेचारे, हम मानव के बहुत काम आए, आएँगे। पर मुझे यह अरमान नहीं कि मानव से[...]

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Punam Kumari

प्रकृति प्रहरी-पूनम कुमारीप्रकृति प्रहरी-पूनम कुमारी

0 Comments 7:10 pm

जब धरती की साँसें घुटती हैं, जब नदियाँ रोती हैं, जब जंगल की हरियाली धीरे-धीरे खोती है, तब कौन बनेगा[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

देश का भविष्य: नन्हें मुन्ने-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरदेश का भविष्य: नन्हें मुन्ने-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 6:58 pm

ये बात है उन नन्हें मन्नों की, मासूम सी भोली आँखों की। खेल ही जिनकी दुनिया है, ना फिक्र इन्हें[...]

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Mritunjay Kumar

आओ मिलकर जन्मदिन मनाएँ —मृत्युंजय कुमारआओ मिलकर जन्मदिन मनाएँ —मृत्युंजय कुमार

0 Comments 1:56 pm

आओ मिलकर जन्मदिन मनाएँ, बापू के सत्य-अहिंसा के मार्ग अपनाएँ। राष्ट्रपिता हम जिन्हें कहते, सबके दिलों में वे ही रहते।[...]

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