Category: Shakshanik

Kartik Kumar

प्रणाम सर-कार्तिक कुमारप्रणाम सर-कार्तिक कुमार

0 Comments 6:03 pm

प्रणाम सर! — खुश रहो बच्चा, जीवन में तुम आगे बढ़ना। पढ़ाई करो अच्छा-अच्छा, ज्ञान का दीपक सदा जलाना। काम[...]

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सेवाभावी की अभिलाषा – उमेश कुमार सिन्हा सेवाभावी की अभिलाषा – उमेश कुमार सिन्हा 

0 Comments 5:43 pm

नहीं चाहूँ स्वर्णिम वैभव का मुझ पर राजतिलक हो, नहीं चाहूँ यश का सूरज मेरे ही आँगन उदित हो। नहीं[...]

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Kartik Kumar

 आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं  – कार्तिक कुमार आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं  – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:39 pm

 आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं  – कार्तिक कुमार मन के भीतर उठता दुख, बाहर इसका उपचार नहीं। आध्यात्मिक पीड़ा[...]

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Kartik Kumar

 मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:33 pm

 मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना है, सबसे सुंदर, न्यारा है। लाल रंग की छोटी गाड़ी, चलती[...]

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मेरी माँ वसुंधरा -उमेश कुमार सिन्हामेरी माँ वसुंधरा -उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 10:31 am

अपने आँचल में अथाह सागर समेटे, माथे पर शीतल चाँद सजाए। अपनी गोद में समस्त सृष्टि को बसाए, ओ! कोई[...]

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स्वतंत्रता का अमर प्रण -उमेश कुमार सिन्हास्वतंत्रता का अमर प्रण -उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 9:15 am

स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में लहराया है। ज्यों ही[...]

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Kartik Kumar

विद्यालय-कार्तिक कुमारविद्यालय-कार्तिक कुमार

0 Comments 9:01 am

विद्यालय ज्ञान का मंदिर है, भारत का यह सुंदर घर है। यहीं खिलते सपनों के फूल, यहीं बनते बच्चे अनमोल।[...]

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स्वतंत्रता का अमर प्रण – उमेश कुमार सिन्हास्वतंत्रता का अमर प्रण – उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 8:50 am

स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में लहराया है। ज्यों ही[...]

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