Category: Shakshanik

Dharmendra Kumar Thakur

धर्मेंद्र कुमार ठाकुर धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 9:11 am

जीभ का स्वाद और बेडौल शरीर स्वाद के चक्कर में फंसकर, शरीर हुआ आज बेडौल। पिज़ा, बर्गर, चाउमीन खाकर, बिगाड़[...]

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Rinju Singh

क्या सच में आज अहिंसा दिवस है?-रिंजू कुमारीक्या सच में आज अहिंसा दिवस है?-रिंजू कुमारी

0 Comments 8:56 am

कागज़ों पर लिखकर अहिंसा, क्या सच में हम बदल पाए हैं? हिंसा तो हर ओर दिखाई देती, फिर किस बात[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

हम शिक्षक हैं-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरहम शिक्षक हैं-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 12:03 am

 हम शिक्षक हैं, हम युग-निर्माता, हम इस सृष्टि के दर्पण हैं, छात्रों के हर एक आवेगों का, हँसकर करते हम[...]

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अहिंसा के पुजारी -आशीष अम्बरअहिंसा के पुजारी -आशीष अम्बर

0 Comments 11:42 pm

हाथों में हथियार नही है, मन में है सत्य का विश्वास । हर चेहरे पर मुस्कान रहे , गाँधी जी[...]

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M S Hussain Kaimuri

समझने के लिए पढ़ना पड़ता है-एम० एस० हुसैन “कैमूरी” समझने के लिए पढ़ना पड़ता है-एम० एस० हुसैन “कैमूरी” 

0 Comments 11:32 pm

अच्छी किताबें और अच्छे लोग,  आसानी से समझ में नहीं आते हैं।  उनकी गहराइयों को जानने के लिए,  जनाब! उन्हें[...]

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विक्रमशिला सेतु बंद छै — गंगा पार के पुकार छै-रोहित आनंदविक्रमशिला सेतु बंद छै — गंगा पार के पुकार छै-रोहित आनंद

0 Comments 3:53 pm

एक अक्टूबर के भोर भेलै, बदल गेलै संसार, विक्रमशिला सेतु रुक गेलै, थम गेलै आवागमन के धार। तीन महीना मरम्मत[...]

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महात्मा गांधी जयंती – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’महात्मा गांधी जयंती – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 3:45 pm

दो अक्टूबर दिवस अनोखा,आया है शुभ वार। नभ से दिव्य पुरुष हैं उतरे,फैलाए संस्कार।। जिनका बचपन अनुशासित था,पाए हम उपहार।[...]

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ज़िंदगी एक चुनौती-कुमारी प्रियंका वर्माज़िंदगी एक चुनौती-कुमारी प्रियंका वर्मा

0 Comments 3:40 pm

ज़िंदगी अगर दे चुनौती, सहर्ष इसे स्वीकार कर। ना कभी तू बैठ यूँ ही ज़िंदगी से हारकर, ज़िंदगी अगर दे[...]

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