जीभ का स्वाद और बेडौल शरीर स्वाद के चक्कर में फंसकर, शरीर हुआ आज बेडौल। पिज़ा, बर्गर, चाउमीन खाकर, बिगाड़[...]
Category: Shakshanik
बापू-नीतू रानीबापू-नीतू रानी
आज है 02 अक्टूबर का दिन आज का दिन है बड़ा महान, आज हीं जन्म लिए मेरे बापू हम सब[...]
क्या सच में आज अहिंसा दिवस है?-रिंजू कुमारीक्या सच में आज अहिंसा दिवस है?-रिंजू कुमारी
कागज़ों पर लिखकर अहिंसा, क्या सच में हम बदल पाए हैं? हिंसा तो हर ओर दिखाई देती, फिर किस बात[...]
हम शिक्षक हैं-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरहम शिक्षक हैं-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
हम शिक्षक हैं, हम युग-निर्माता, हम इस सृष्टि के दर्पण हैं, छात्रों के हर एक आवेगों का, हँसकर करते हम[...]
The man with indomitable will-Ashish Kumar PathakThe man with indomitable will-Ashish Kumar Pathak
A leader whose actions were guided by indomitable will; Future generations will hardly believe a man walked in such flesh[...]
अहिंसा के पुजारी -आशीष अम्बरअहिंसा के पुजारी -आशीष अम्बर
हाथों में हथियार नही है, मन में है सत्य का विश्वास । हर चेहरे पर मुस्कान रहे , गाँधी जी[...]
समझने के लिए पढ़ना पड़ता है-एम० एस० हुसैन “कैमूरी” समझने के लिए पढ़ना पड़ता है-एम० एस० हुसैन “कैमूरी”
अच्छी किताबें और अच्छे लोग, आसानी से समझ में नहीं आते हैं। उनकी गहराइयों को जानने के लिए, जनाब! उन्हें[...]
विक्रमशिला सेतु बंद छै — गंगा पार के पुकार छै-रोहित आनंदविक्रमशिला सेतु बंद छै — गंगा पार के पुकार छै-रोहित आनंद
एक अक्टूबर के भोर भेलै, बदल गेलै संसार, विक्रमशिला सेतु रुक गेलै, थम गेलै आवागमन के धार। तीन महीना मरम्मत[...]
महात्मा गांधी जयंती – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’महात्मा गांधी जयंती – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
दो अक्टूबर दिवस अनोखा,आया है शुभ वार। नभ से दिव्य पुरुष हैं उतरे,फैलाए संस्कार।। जिनका बचपन अनुशासित था,पाए हम उपहार।[...]
ज़िंदगी एक चुनौती-कुमारी प्रियंका वर्माज़िंदगी एक चुनौती-कुमारी प्रियंका वर्मा
ज़िंदगी अगर दे चुनौती, सहर्ष इसे स्वीकार कर। ना कभी तू बैठ यूँ ही ज़िंदगी से हारकर, ज़िंदगी अगर दे[...]
