रक्षा बंधन ये रक्षा बंधन, भाई के कलाई में, बहना का अदभूत प्यार है।…
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कविता का स्वरूप-बिपिन कुमार चौधरी
कविता का स्वरूप सभी विद्वानों के विचारों का अंतिम सार, कविता कवि के भावनाओं का उदगार, मुख्य रूप से इनके तीन प्रकार, महाकाव्य, खंडकाव्य, मुक्तक काव्य, कविता के सौंदर्य का…
आजादी-अशोक कुमार
आजादी तीन रंगों का तिरंगा प्यारा, नभ में लहराता। यह हमारी शान शौकत, आजादी की कीमत बताता।। हरा रंग है हरी हमारी, धरती की अंगड़ाई। केशरीया बल पौरुष भरने वाला,…
पर्यावरण-अशोक कुमार
पर्यावरण पृथ्वी वीरान पड़ी, विकट समस्या खड़ी। स्वयं एक एक पेड़,आप भी लगाइए।। पेड़ों की कटाई रोकें, बर्षा इसी से होखें। फल फूल हमें देवें, इसे तो बचाइए।। मिट्टी की…
फलों का राजा आम-अनुज कुमार वर्मा
फलों का राजा आम बात पते की कहता हूँ, नन्हें राजा, सुनलो आप। दादा – दादी भी कहते हैं, राजा फलों का है आम। गर्मी के मौसम में बच्चों, जब…
विलोम शब्द का ज्ञान-विजय सिंह नीलकण्ठ
विलोम शब्द का ज्ञान एक अच्छा व एक बुरा दो बंदर है छत पर खड़ा एक छोटा तो एक बड़ा हाथ में ले रखा है घड़ा। चींटी चलती आगे-पीछे अंबर…
योग-अशोक कुमार
योग दिनभर व्यस्तता के बाद, रात को आराम करें। सुबह जल्दी उठकर, आओ चले व्यायाम करें।। सुबह-सुबह दौड़ लगाएं, शरीर में चुस्ती फुर्ती लाएं। नित्य क्रिया करके हम, सभी रोगों…
सतरंगी प्रकृति-लवली वर्मा
सतरंगी प्रकृति रंगों से भरी है प्रकृति, मनभावन सुंदर अति। नीले नभ में उड़ते खग, कर देते हैं हमें स्तब्ध। पेड़ों की पत्तियां हरी, टहनियों संग जोड़े कड़ी। रंग-बिरंगे…
रंग-आंचल शरण
रंग सात रंगों से भरा जीवन, फूलों से खिला वन उपवन। सातों रंग जब मिल जाते, सरस्वती वरन, सफेद कहलाते।। पहला रंग बैंगनी रहता, रंग दूसरा नीला। रंग तीज़ा आसमानी,…
हम अबला नहीं सबला हैं-रीना कुमारी
हम अबला नहीं सबला हैं सभ्यता है हमारी पहचान, संस्कृति में रहना अपनी शान। यही जीवन जीने की कला है, हम अबला नहीं सबला हैं। मन में जीतने की सदा…