जंग अभी बाकी है रंग अभी बाकी है, बहनों के माँग उजारने वालों का कर्मकांड अभी बाकी है। जंग[...]
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Teddy Bear Teddy Bear – Awanish KumarTeddy Bear Teddy Bear – Awanish Kumar
Teddy Bear, Teddy Bear, Where Are You? Teddy bear, teddy bear, Where are you? I’m looking around To play with[...]
माँ-जीवन की ममता मूरत -सुरेश कुमार गौरवमाँ-जीवन की ममता मूरत -सुरेश कुमार गौरव
माँ-जीवन की ममता मूरत तेरी दुआओं की छाया में पलते, जीवन के काँटे भी फूलों सा छलते। तेरी[...]
सिंदूर की चिंगारी- अर्जुन केशरीसिंदूर की चिंगारी- अर्जुन केशरी
धधक उठा है आज हिमालय, वीरों का है गर्जन। सिंदूर की ललकार बनी, आतंकी का अब तर्जन। पहलगाम के अश्रु[...]
विद्यालय की जुदाई – एम० एस० हुसैनविद्यालय की जुदाई – एम० एस० हुसैन
आया था जब मैं यहां पर एक अजनबी सा बनकर था अकेला, मायुस बैठा खूद में ही खूद सिमटकर न[...]
सुन री दीया – अवनीश कुमारसुन री दीया – अवनीश कुमार
सुन री दीया काश! तू सुन पाती, मेरी विरह-व्यथा समझ पाती। तेरी जलती लौ से, क्या-क्या अनुमान लगाऊं? मद्धिम पड़ती[...]
भीमराव अम्बेडकर – नीतू रानीभीमराव अम्बेडकर – नीतू रानी
भारत के ये वीर सपूत, जिसने मिटाया छुआछूत। रामजी मालोजी सकपाल के थे सुपुत्र भीमाबाई के थे चौदहवीं पुत्र। गरीब[...]
दोहावली – मनु कुमारीदोहावली – मनु कुमारी
प्रेम प्रलोभन दे रही, खड़ी राम के पास। मन में थी यह चाहना, होगी पूरी आस।। मर्यादा की रास में,[...]
भीमराव अम्बेडकर ” अंतिम विचार:आत्मज्योति की लौ- सुरेश कुमार गौरवभीमराव अम्बेडकर ” अंतिम विचार:आत्मज्योति की लौ- सुरेश कुमार गौरव
जीवन भर संघर्ष था, पर न रुका विचार। हर पीड़ित के हित रहा, निज मन का सुविचार॥ शोषण की दीवार[...]
बैशाखी का पर्व है: विधा: मनहरण घनाक्षरी– रामकिशोर पाठकबैशाखी का पर्व है: विधा: मनहरण घनाक्षरी– रामकिशोर पाठक
कहते मेष संक्रांति, है विषुवत संक्रांति, फसल कटाई शांति, बैशाखी का पर्व है। सूर्य का मेष प्रवेश, पंज प्यारे धर[...]
