ख़ून से लथपथ एक काया. फ़ेंका गया था लहरताल मे उपजी झाड़ियों मे रो रहा था शिशु बिलख-बिलख कर ईश्वरीय[...]
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माँ और मायका – नीतू रानीमाँ और मायका – नीतू रानी
माँ से मायका पिता से सम्मान, ये दोनों के नहीं रहने से अपमान हीं अपमान। माँ है तो मायके के[...]
माँ – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’माँ – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
निज कर्म से इंसान, बनाता है पहचान, पिता तो पालक होते, जन्म देती माता है। बच्चों को देती संस्कार, सिखाती[...]
मेरी मां – विवेक कुमारमेरी मां – विवेक कुमार
आओ सुनाता हूं अपनी कहानी, निःस्वार्थ प्रेम की कहानी, अपनी जुबानी मां के छोटे शब्द में ब्रह्मांड है समाई, दुख[...]
माँ का आंचल – रत्ना प्रियामाँ का आंचल – रत्ना प्रिया
चाहता हूँ मैं रोज मुझे माँ ,लोरी गा के सुनाए | माँ की लोरी , माँ का आंचल , माँ[...]
माॅ॑ – नीतू रानीमाॅ॑ – नीतू रानी
पितु सु माता सौ गुणा सुत को राखै प्यार , मन सेती सेवन करै तन सु डाॅ॑ट अरु गारि। इसका[...]
मां – नवाब मंजूरमां – नवाब मंजूर
जिसके साए तले बढ़ते हैं राजा और रंक या फिर हो कोई मलंग जन्म से लेकर जवानी तक उसी के[...]
मेरी मां- सूरज कुमार कुशवाहामेरी मां- सूरज कुमार कुशवाहा
मां मेरी जीवन की हो, तुम मूर्तिकार, तूने ही दिया है, ऐसा अनुपम आकार। बाधा विघ्नों से तूने बचाया हर[...]
बेटी दिवस – नीतू रानीबेटी दिवस – नीतू रानी
हो रही है खामोश हिंसा निर्दोष उन बेटियों की, बचाओ मत मारो इसको ये है रौनक आपके घर की, हो[...]
जाने कहां गए वो दिन -जैनेन्द्र प्रसाद रविजाने कहां गए वो दिन -जैनेन्द्र प्रसाद रवि
टॉफी पा के इठलाना, पल में मचल जाना, शैशव की बीती बातें- हमें याद आते हैं। बांहों में लिपट कर,[...]
