योगासन गीतिका :-कार्तिक कुमार

पद्मासन पालथी मार, पैर जंघा पर धर, रीढ़ सीधी, नेत्र बंद कर। श्वास-प्रश्वास सम, मन हो शांत, लाभ—ध्यान बढ़े, तनाव हो अंत। वज्रासन घुटनों के बल बैठो ध्यान से, पीठ…

योग दिवस..कार्तिक कुमार

1️⃣ ताड़ासन सीधे खड़े हों तन को तान,ताड़ासन दे ऊँची पहचान।पैर जमें धरती के संग,आकाश छुए आत्मविश्वास रंग।रीढ़ बने मजबूत, स्थिर विचार,शरीर पाए संतुलित आकार।श्वास गहरी, मन हो शांत,योग करे…

योग बिना जीवन बेकार – शशिकान्त वर्मा

युग-युग की यही पुकार, योग बिना जीवन बेकार। जो नहीं योग करता, दिन-प्रतिदिन रोग गढ़ता। मोटापा, बीपी, शुगर, इससे वह नही बचता।। समय मिले न घड़ी चार, नित करे दस…

करिये निशदिन योग – मनु कुमारी

प्रेम देह से है अगर,करिये निशदिन योग। काया होगी स्वस्थ तब, और हटेंगे रोग। योगीजन से सीखकर, कीजै प्राणायाम।। ध्यान योग के चरम पर,मिल जायेंगे राम।। नैन नजर के योग…

योगासन का महत्व – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

श्री कृष्ण से ज्ञान पा के, ऋषियों ने अपनाया, असाध्य रोगों का स्थाई, उपचार योग है। जिसने भी अपनाया, पाया है निरोगी काया, शरीर को योगासन, रखता निरोग है। जीवन…