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प्यारी धरती-आशीष अम्बर


ashish amber

जीवन जहाँ पर संभव होता,

धरती है वह सुन्दर उपवन ।

करें सुरक्षा इस धरती की,

मिलकर हर प्राणी और जन ।

हरे – भरे प्यारे वन, सुन्दर ये नजारे,

कल – कल करता झरना, देखो कितने प्यारे ।

खुशियों से चहकती परिंदे और लहराती हवाएँ,

धरती नी अद्भुत गोद में जीवन खूब मुस्काए ।

फूलों की खुशबू से महके धरती का घर – आंगन,

देख के इसकी सुंदरता मचले मेरा तन – मन ।

धरती कहती धैर्य ना छोड़ो ,

कितना ही हो सिर पर भार ।

इसकी रक्षा की जिम्मेदारी,

निर्वहन करे मिलकर जनता और सरकार ।

आशीष अम्बर

( विशिष्ट)

उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी

प्रखंड – केवटी

जिल – दरभंगा

बिहार ।

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