ईश्वर से कुछ सवाल – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
पूर्व प्रभात बेला में बड़ी दुखद खबर मिली कि दर्वे ग्राम के प्रधान शिक्षक अशोक कुमार मेरे प्रिय शिष्य का निधन हो गया है इस दुखद घड़ी में मैं ईश्वर से कुछ सवाल किए हैं जो इस मेरी कविता में समीक्षा आप लोगों की
जल पर कोई खड़ी शिला है?!
कैसे कह दूॅं स्वर्ग मिला है?।।
छोड़ चले दो बच्चे घर पर।
नाबालिग के संकट सर पर।।
कैसा सुख संसार मिला है।
कैसे कह दूॅं स्वर्ग मिला है?।।
नाम बदल दो अब रखवाला।
बिलख रही है निर्बल बाला।।
तुझसे मालिक यही गिला है।
कैसे कह दूॅं स्वर्ग मिला है?।।
गई छीन बच्चों की थाली।
गेहूॅं से ही कट गई बाली।।
दुःखी प्राण बिन उर्मिला है।
कैसे कह दूॅं स्वर्ग मिला है?।।
ठीक दोपहरी छाई काली।।
कैसी तव जीवन की पाली।।
अग्नि संग में फूल खिला है।।
कैसे कह दूॅं स्वर्ग मिला है?।।
विदा किये दे कफन हजारों।
आज भी हॅंस तुम रहे सितारों?।।
निष्ठुर तेरा जगत जिला है।
कैसे कह दूॅं स्वर्ग मिला है?।।
रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
अवकाशप्राप्त
मध्य विद्यालय दरवेभदौर
प्रखंड पंडारक
