रोला – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ जहाँ होती गुरुवाई लिए रात अवतार, कृष्ण गुरुद्वार खड़े हैं। बोल रहे प्रभु आप,[...]
Tag: रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
हाय किस्मत रेत-की – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’हाय किस्मत रेत-की – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
हाय किस्मत रेत-की – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ भाद्रपद की अष्टमी तिथि, पक्ष काला था भला। रात आधी भवन कारा,[...]
तितली का छोटा शुभ बचपन – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानतितली का छोटा शुभ बचपन – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान
तितली का छोटा शुभ बचपन – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान छोटा जीवन व्यर्थ नहीं है। हमसे अच्छा अर्थ कहीं है।।[...]
अनंग शेखर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ अनंग शेखर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
अनंग शेखर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ अशोक हैं सदैव ही न जिंदगी बड़ी मिली न पंख हैं बड़े-बड़े,[...]
रक्षाबंधन – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’रक्षाबंधन – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
रक्षाबंधन – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ प्रश्नोत्तर जो मिला ढूँढ़कर, पथ प्रशस्त करता है। दिवस पूर्णिमा के धागे में, शक्ति[...]
ईश्वर से कुछ सवाल – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ईश्वर से कुछ सवाल – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
ईश्वर से कुछ सवाल – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ पूर्व प्रभात बेला में बड़ी दुखद खबर मिली कि दर्वे[...]
कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानकलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान
कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान सुधीर छोड़ते निशान हैं। भारतीय लोग हैं विचारवान पुण्यवान, देश में यहाॅं-वहाॅं नई-नई[...]
चित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाताचित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाता
चित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाता यहाॅं कुछ लोग हैं दिखते, सुवासित कर रहे जग को।[...]
सजनी अपने आप से रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’सजनी अपने आप से रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
सजनी अपने आप से – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ ट्रेन सवारी करके सजनी, देख रही रस्ते भर सपने। आस-पास की[...]
पगडंडी पर भागे ऐसे – रामपाल प्रसाद सिंह अनजानपगडंडी पर भागे ऐसे – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान
पगडंडी पर भागे ऐसे, बालक सुलभ सलोने हैं। नन्हीं-नन्हे साथ-साथ हैं, अनुभव नए पिरोने हैं। पगडंडी भी स्वागत करने, हरियाली[...]
