नारी के सम्मान की, आज लगी है होड़।
पुरुष बिचारा कर रहा, घर-बाहर कर-जोड़।।
घर-बाहर कर-जोड़, करे दिल को समझाए।
आधा निज का अंग, उसे सामर्थ्य दिखाए।।
खुशी आज चहुँओर, कही संकट है भारी।
कहते पुरुष प्रधान, चलाती शासन नारी।।०१।।
महिला आज सशक्त है, बदला हर व्यवहार।
पुरुषों का है छिन रहा, नित्य यहाँ अधिकार।।
नित्य यहाँ अधिकार, गँवाएँ नर बेचारे।
करते कुछ स्वीकार, छुपाते हैं यह सारे।।
सबल पुरुष अब कौन, प्रश्न यह सबसे पहिला।
है सशक्त सिरमौर, आज तो अब सब महिला।।०२।।
रचनाकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला
बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क- 9835232978
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