रंगों का त्यौहार -मनु कुमारी

रंगों का त्योहार

होली है रंगों का त्योहार ,
रंगों से रंगा सारा संसार l

गुलाल की महक संग रिश्तों का प्यार,
मिले सबको सचमुच खुशियां अपार।

नफ़रत, ईर्ष्या, द्वेष, नहीं आए किसी के द्वार,
सत्य, प्रेम और धर्म की हो सदा जय जयकार।

लाल रंग भरे जोश हैं तन में, हरा रंग विश्वास,
पीला है मित्रता का रंग, नीला अनंत आकाश।

बैंगनी रंग में सपने बुने , गुलाबी देता मुस्कान,
हर रंग में छिपा है मानो जीवन का वरदान।

संगीत के सुंदर राग पर थिरके नर- नारी के पांव,
शिले शिकवे मिटे क्षण- भर में, मिटे हर मन के घाव।

गुझिया,पुआ,खीर मिठाई से, रिश्तों में आए मिठास,
गले मिलें जब इक दूजे से,मिले अपनेपन का एहसास।

सुख – शांति समृद्धि लेकर जब आती है यह होली निराली।
बच्चे, बूढ़े युवा के चेहरे पर दिखती है खुशियों की लाली।

नफ़रत की कालिमा हृदय से मिट जाए इस बार,
प्रेम की बारिश हो घर – घर,यही होली का सार।

अधर्म हिरण्यकश्यप का नाश, धर्म रूप भक्त प्रह्लाद का उद्धार,
करने आए थे श्री हरि लेकर नरसिंह का अवतार।

स्वरचित एवं मौलिक
मनु कुमारी, विशिष्ट शिक्षिका प्राथमिक विद्यालय दीपनगर बिचारी,राघोपुर, सुपौल

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