विषय -बाल विवाह।
शीर्षक – दामाद आनलेअ बुढ़वा।
माय गे शादी नै करिहेअ अभी पढ़ाई कराबिहेअ गे,
जब बियाह के जोग हेबै हम
तब बियाह कराबिहेअ गे।
एखैन हमर उमर पढ़ै और लिखै केअ छलै,
हमरा बियाह केअ नै तूँ ससुराल पठाबिहेअ गे।
माय गे
पढ़बौ, लिखबौ, नौकरी करबौ
तोहर सबके नाम बढ़ेबौ,
ससुराल में खटबाएकेअ हमरा नै जान मरबाबिहेअ गे।
माय गे
कम उमर केअ बेटी तोहर
दमाद आनले तूं बुढ़वा ,
मोछ दाढ़ी पाकल ओकर नाम छियै ढ़ोरबा
देखै में जे लागै हमर बरका बाबू गे
माय गे
कम उमर में ब्याह हेतै कम उमर में हेतै बौआ,
शरीर में नै मांस रहतै नै रहतै खून एको पौवा
कमे उमर में किया श्मशान दैछी गे
माय गे
नीतू रानी, स्वरचित बाल विवाह गीत।
स्कूल -म०वि०रहमत नगर सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार।

