VIKAS KUMAR SAW
मेरा इको क्लब परिवार
जब धरती माँ की आँखें भर आईं, सूखी नदियाँ, थकी हुई हरियाई… तब नन्हे क़दम आगे बढ़कर बोले— “माँ, अब हम हैं… तू मत रोना।” नन्हे हाथों में पौधों…
बाल कविता -आशीष अम्बर
बाल कविता शीर्षक : अच्छे बच्चे- सच्चे बच्चे । अच्छे बच्चे सत्य बोलते , सच से सबकी आँख खोलते । अच्छे बच्चे मन के सच्चे, करते नही शिकायत बच्चे ।…
लिखनी एक कहानी होगी- रामकिशोर पाठक
२२-२२-२२-२२ लिखनी एक कहानी होगी लिखनी एक कहानी होगी। जिसमें खास रवानी होगी।। उसने आँचल है लहराई। चढ़ती मस्त जवानी होगी।। उसके गोरे गालों पर अब। कुमकुम भी मस्तानी होगी।।…
प्रभाती पुष्प जैनेंद्र प्रसाद
प्रभाती पुष्प सीता स्वयंवर जनक दुलारी सीता, साध्वी परम पुनीता, दुल्हन बन कर अवधपुरी आई है। धनुष जो हुआ भंग, देख लोग हुए दंग, घर-घर मिथिला में, बजी शहनाई है।…
बाल कविता नीतू रानी
विषय -बाल कविता। शीर्षक -सोमवार को आएगा मेरा मोटरकार। सोमवार सोमवार सोमवार, सोमवार को आएगा मेरा मोटरकार। मंगलवार मंगलवार मंगलवार, माँ करती बच्चों से बेइंतहा प्यार। बुधवार बुधवार बुधवार, मलाई…
भक्त हितकारी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
विश्वनाथ मम नाथ मुरारी। त्रिभुवन महिमा विदित तुम्हारी।। कौशल्या नंदन बन रघुकुल आये, नीर निधि के बीच द्वारिका बसाये, कोई कहे रघुवर कोई गिरधारी। त्रिभुवन महिमा विदित तुम्हारी।। इन्द्र को…
बसंत ऋतु आया-मुन्नी कुमारी
देखो बसंत ऋतु है आया,
ऋतुराज बसंत -ब्यूटी कुमारी
मनहर लगता दृश्य धारा, उपवन-उपवन खिले सुमन, धरा पर सरसों की पीली चुनरी, केसरिया खिला टेसू फूल, तरु पर लगा नव पल्लव, आ गया ऋतुराज बसंत। बहे मंद- मंद…
कविता
।। तुम हो मेरी रागिनी सी ।। तुम्हारी बोली जैसे मीठी रागिनी सी, अंधेरी रातों में हो तुम मेरी चाँदनी सी।। मैं चकोर, तुम हो पूनम की रात, जैसे मैं…