वंदनवार सजे शारदा ऐसा अद्भुत भोर। क्षितिज चतुर्दिक दे रहा,ऑंधी जैसा शोर। प्रात:काली भूल कर, पूर्वज ढाड़े लोर।। कहीं भजन कीर्तन ठने,कहीं राम का बोल। कहीं शारदा सादगी,सह भोजपुरी झोल।।…
सरस्वती वंदना – राम किशोर पाठक
सुर ताल पल में सहज साध जाऊँ।मैं जो तुम्हारी चरण धूल पाऊँ।। रचना सभी छंद पल में करूँ मैं।हर छंद में प्रीत का स्वर भरूँ मैं।।कोई सरस गीत पल में…
वर दे वीणावादिनी – बिंदु अग्रवाल
वर दे वीणावादिनी,जय माँ तू हंसवाहिनीहृदय तिमिर को मिटातू ज्योत ज्ञान की जला। अज्ञानता की कालिमा काअब ना अट्टहास हो,दैदिप्यमान हो धराप्रकाश ही प्रकाश हो। धर्म मार्ग पे चलेंअधर्म का…
अरज है शारदा से
अरज है शारदा से हे श्वेतपुंज ! हे शारदा! सुन लो विनय हमारी, हम दीन-हीन है पातकी तू पाप पुंज हारी। अब खोल दो माँ कमल नयन वरदान दे दो…
नारी तू अबला नहीं
नारी तू अबला नहीं नारी नहीं तू अबला है तू ही तो सबला है। बिन तेरे सब सूना है, सबकुछ तूने गूना है। रही नहीं तू चाकरी,…
| माँ शारदे की महिमा – मुन्नी कुमारी |
स्व-रचित कविता माँ शारदे की महिमा सुंदर – सुंदर सपना सजाएँ, माँ शारदे की महिमा गाएँ। विद्या से जग को महकाएँ, शुद्ध विचार हृदय में आए। वीणा वादिनी, माँ शारदे,…
टीचर्स ऑफ बिहार – मधु कुमारी
एक नाम नहीं ये है हमारा सम्मान जिससे मिली पहचान जो देता एक पैगाम हमारे आत्मसम्मान के नाम……. एक ऐसा आन्दोलन जिसने काले अक्षरों को भी खूबसूरत और रंगीन बना…
माँ शारदे-राम किशोर पाठक
भक्त की आशा यही है, भक्त को माँ तार दे। भाव की थाली लिए मैं, द्वार पर माँ शारदे।। पुष्प श्रद्धा भक्ति का मैं, ले शरण में आ गया। कर…
स्वर की देवी सरस्वती-नीतू रानी
कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। माँ हँस वाहिनी ज्ञान दायिनी, विद्या दायिनी सरस्वती। कमल आसन पर बैसल छथि, स्वर की देवी सरस्वती। मांँ स्वेत वस्त्र धारिनी…
जय मां शारदे माँ तू अपने शरण में रखो अब सदा, है नमन कोटि रखना चरण मे सदा. तू दे दे हमें माँ ये आशीष कदा, ज्ञान जीवन में सुरभित…