नारी तुम प्रेम हो , आस्था हो, विश्वास हो , टूटी हुई उम्मीदों की एकमात्र आस हो । हर जान[...]
नारी शक्ति-लवली कुमारीनारी शक्ति-लवली कुमारी
हां मैं एक औरत हूं । सृष्टि की निर्माणकर्ता समर्पण ममता की मूरत त्याग बलिदान, कोमलता की सीरत प्रतिदिन घर[...]
नारी की व्यथा-लवली कुमारीनारी की व्यथा-लवली कुमारी
खिड़की से झांक कर देखना सहमी ,सकुचाई सी खड़ी रहना दरवाजे पर आहट आते ही मन घबरा जाता आखिर कब[...]
तुम कौन हो?-डॉ स्नेहलता द्विवेदीतुम कौन हो?-डॉ स्नेहलता द्विवेदी
तुम कौन हो? उसने पूछा, आखिर कौन हो तुम?, उर्वशी मेनका ,इंद्राणी, या अपाला लोपा घोषमुद्रा! यशोदा , राधा रुक्मिणी[...]
बिटिया पढ़ाबअ पापाजी-नीतू रानीबिटिया पढ़ाबअ पापाजी-नीतू रानी
घर में खिलैहअ नून रोटिया हो, बिटिया पढ़ाबअ पापाजी। स्कूल में नाम लिखैहअ हो, हमरा पढ़ाबिहअ पापा जी। पढ़ी- लिखी[...]
विद्युत प्रयोग -राम किशोर पाठकविद्युत प्रयोग -राम किशोर पाठक
विद्युत का करना उपयोग। बच्चों परिजन के सहयोग।। सुविधा देता हमें अनेक। इसे न समझो पर तुम नेक।। भींगे हाथों[...]
उमंग की सरिता-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’उमंग की सरिता-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
बसंती बयार चली, खिल गई कली-कली, *कोयल की आ गई है, फिर तरुणाई है।* चिड़ियाँ चहक रही, डालियाँ लचक रही, [...]
लोग के कामे बा कहे के, कहते रही-भारत भूषण आजादलोग के कामे बा कहे के, कहते रही-भारत भूषण आजाद
लोग के कामे बा कहे के, कहते रही, रउआ अच्छा काम करी, आगे बढ़ते रही। लोग के कामे बा जले[...]
एक युग का विराम-संजीत कुमार निगम एक युग का विराम-संजीत कुमार निगम
आपने जो बिहार को दिया, रहेगा सदा कर्जदार बिहार दे रहे राज्यसभा के लिए बधाई आपने पर आपका CM पद[...]
बिकें किताबें तौलकर-राम किशोर पाठकबिकें किताबें तौलकर-राम किशोर पाठक
बिकें किताबें तौलकर, कूड़े वाली भाव। देख साहित्य की दशा, मन में होती घाव।। पुस्तक हैं साहित्य के, लिए ज्ञान[...]
