विघ्न हर्ता देव हो तुम, कष्ट अपना मैं कहूँ। आज तुमसे आस मुझको, छंद रचना को गहूँ।। शब्द लाऊँ मैं कहाँ से, शिल्प कैसे मैं रचूँ। सत्य का बस हो…
That one of the Worst feelings- Ashish Kumar Pathak
That one of the Worst feelings One of the Worst feelings in the world, is to see your parents age because nothing really prepares, You for that inevitable That one…
पशु अधिकार दिवस…नीतू रानी
विषय – अन्तर्राष्ट्रीय पशु अधिकार दिवस।******************आज है अन्तर्राष्ट्रीय पशु अधिकार दिवस,लेकिन सभी पशु हैं जीने को वेवश। उजड़ रहे हैं पेड़, पौधे, वन,कहाँ रहेंगे पशुओं के सभी जन। सभी पशुओं…
दोहा छंद…रामकिशोर पाठक
प्रयास- दोहा छंद गीत मिलता जिससे हैं उन्हें, जीवन में आराम।कर प्रयास हैं साधते, कर्मठ सारे काम।। मिल जाते भगवान है, होता जहाँ प्रयास।करने वाले ने किया, पूर्ण सभी निज…
शरण गहूँ दिन-रात – राम किशोर पाठक
ध्यान लगा मैं कर सकूँ, रचना की बरसात। भजन करूँ नित मातु की, शरण गहूँ दिन-रात।। शब्द पुष्प के हार से, करूँ छंद श्रृंगार। सत्य सृजन करता रहूँ, पथ पाए…
ठंड का प्रभाव-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
तापमान गिरने से मौसम बदलने से *धीरे-धीरे ठंडक का, बढ़ता प्रभाव है।* पंछियाँ तो घोसले में- रहतीं दुबककर, *पशु छिप कर खुद, करते बचाव हैं।* अमीरों को हीटर व- गीजर…
मैं राष्ट्र धर्म को अपनाया – राम किशोर पाठक
मैं बहती बन जाऊँ सरिता मैं जीवन में लाऊँ ललिता मैं झुंड यहाँ देखूँ कितने मैं ढूँढ रहा खुद के सपने मैं उतर सकूँ गहराई में मैं अपनी ही परछाई…
माँ वर दो-राम किशोर पाठक
शीश नवाऊँ, माता के दर, माँ वर दो। रचना लाऊँ, नित्य नया कर, माँ वर दो।। शरण तुम्हारी, गहने वाले, यह कहते। वह हर्षाया, आकर दर पर, माँ वर दो।।…
आसरा -रामपाल प्रसाद सिंह
पद्ममाला छंद 8 वर्ण आसरा पास बैठी है। खींचती मर्म की रेखा।। जन्म लेते जिसे देखा। आज माॅं खास बैठी है। आसरा पास बैठी है।। दर्द होने नहीं देती। मात…
याद उन्हीं की आती है -रामपाल प्रसाद सिंह
याद उन्हीं की आती है। निशि-वासर को चैन नहीं है,पीड़ा वाण चलाती है। छोड़ चले जाते हैं जग को,याद उन्हीं की आती है।। मेरी पीड़ा हरनेवाली,पीड़ा देकर कहाॅं चली। सिंधु…