तुम विज्ञान पढ़ना तुम होमी भाभा, सी वी रमण, कलाम को याद करना, तुम अपने मन को जिज्ञासु, वैज्ञानिक दृष्टिकोण[...]
पहले देश फिर शेष – जैनेंद्र प्रसाद रविपहले देश फिर शेष – जैनेंद्र प्रसाद रवि
पहले देश फिर शेष त्रिभुवन में ना ऐसा, कोई है भारत जैसा, सबसे सुंदर प्यारा, हमारा ये देश है। माटी[...]
पिंजड़ मन को अब तोड़ो -रामकिशोर पाठकपिंजड़ मन को अब तोड़ो -रामकिशोर पाठक
पिंजर मन को अब तोड़ो- गीतिका पिंजर मन को अब तोड़ो। दुनिया से नाता जोड़ो।। कैद हुए क्यों कोने में।[...]
स्वास्थ्य ही धन है -रुचिकास्वास्थ्य ही धन है -रुचिका
स्वास्थ्य ही धन है अच्छी आदत तुम अपनाओ, रहो स्वस्थ और खुशियाँ पाओ, स्वास्थ्य से बड़ा नही कोई धन है[...]
सरकारी स्कूल में हमर नाम-नीतू रानीसरकारी स्कूल में हमर नाम-नीतू रानी
लिखाए दाएअ हौ पापा सरकारी स्कूल में हमर नाम —२। सरकारी स्कूल में आब सब कुछ मिलै छै, खाना मिलै[...]
जीवन-दर्शन-गिरीन्द्र मोहन झाजीवन-दर्शन-गिरीन्द्र मोहन झा
तुम अपने जीवन के सुदीर्घ पथों को देख, मात्र निज जीवन-यात्रा पर फोकस करना, तेरा जीवन सहज, पवित्र, अर्थपूर्ण, परोपकारमय[...]
कलम से प्यार-रत्ना प्रियाकलम से प्यार-रत्ना प्रिया
यह लेखनी चले निरंतर, तू कलम से प्यार कर, अक्षर-अक्षर, शब्द-शब्द से, एक नया विस्तार कर । अक्षर-अक्षर गूँथ जाएँ[...]
रुद्र लिए अवतार -रामकिशोर पाठकरुद्र लिए अवतार -रामकिशोर पाठक
रुद्र लिए अवतार- दोहा छंद गीत चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा, रूद्र लिए अवतार। संकटमोचन रूप में, प्रकट हुए संसार।। पुत्र[...]
राम रमन डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याराम रमन डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
राम रमन कर कण कण में हे राम रमन कर कण कण में, अब आन बसो तुम जन गण में,[...]
तू जीवन पथ पर चलता जा -गिरिंद्र मोहन झातू जीवन पथ पर चलता जा -गिरिंद्र मोहन झा
तू जीवन-पथ पर चलता जा, कार्य सृजन के करता जा, ….. जन्म-मृत्यु के मध्य स्थित, है जीवन कर्म प्रधान, उज्ज्वल[...]
