गुरुत्वाकर्षण का नियम गुरु शब्द में ‘त्व’ प्रत्यय के योग से बना शब्द गुरुत्व, जो अपना गुरुत्व सदा कायम रखे,[...]
भोला तुम बिन न कोई सहारे – अमरनाथ त्रिवेदीभोला तुम बिन न कोई सहारे – अमरनाथ त्रिवेदी
भोला तुम बिन न कोई सहारे जग में प्रभु तेरा नाम है भोला , तुम जग के हो रखवारे। भक्त [...]
अमर रहेगा नाम तुम्हारा- प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकअमर रहेगा नाम तुम्हारा- प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक
अमर रहेगा नाम तुम्हारा- प्रदीप छंद गीत अमर रहेगा नाम तुम्हारा, ऐसा तेरा काम है। सीमा रक्षा करने वाले, तुझको[...]
बिना विचारे नहीं करें – अमरनाथ त्रिवेदीबिना विचारे नहीं करें – अमरनाथ त्रिवेदी
बिना विचारे नहीं करें बिना विचारे नहीं करें जीवन में कोई काम , ऐसा यदि नहीं किया तो होगा बुरा [...]
हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् – राम किशोर पाठकहरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् – राम किशोर पाठक
हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम् भजेऽहम् पद पंकज सुंदरम्। हरि भजे शिव शंभु महेश्वरम्।। त्रिविध ताप निवारण जायते। शरण शंभु[...]
स्वास्थ्य और भौतिक संसाधन – अमरनाथ त्रिवेदीस्वास्थ्य और भौतिक संसाधन – अमरनाथ त्रिवेदी
स्वास्थ्य और भौतिक संसाधन संसाधनों के अंबार लगे हैं , दुनिया के कोने कोने में । फिर भी न कोई[...]
सुविधा और स्वास्थ्य- कुण्डल छंद- राम किशोर पाठकसुविधा और स्वास्थ्य- कुण्डल छंद- राम किशोर पाठक
सुविधा और स्वास्थ्य- कुण्डल छंद सुविधाएंँ सभी आज, सबको हैं प्यारे। मशीन बन गए लोग, एहसास मारे।। करते सभी आराम,[...]
बोल बम कहने लगा- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘बोल बम कहने लगा- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान ‘
बोल बम कहने लगा। आ गया सावन महीना, भाव में बहने लगा। त्याग ऑंचल का सहारा,बोल बम कहने लगा।। कौन[...]
भौतिक सुविधा और स्वास्थ्य- अमरनाथ त्रिवेदीभौतिक सुविधा और स्वास्थ्य- अमरनाथ त्रिवेदी
भौतिक सुविधा और स्वास्थ्य आज होड़ लगी है भौतिक सुख सुविधा की , स्वास्थ्य के लिए कुछ दोस्त बने कुछ[...]
सुख सुविधाओं के चक्कर में- सरसी छंद गीत- राम किशोर पाठकसुख सुविधाओं के चक्कर में- सरसी छंद गीत- राम किशोर पाठक
सुख सुविधाओं के चक्कर में- सरसी छंद गीत अपने हाथों से जीवन में, घोल रहा विष जान। सुख सुविधाओं के[...]
