माँ – अश्मजा प्रियदर्शिनीमाँ – अश्मजा प्रियदर्शिनी

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भू-तल पर जन-जीवन की तुम आशा हो। माँ तुम चराचर जगत की परिभाषा हो। तुम हीं लक्ष्मी, सरस्वती, तुमसे जीवन[...]

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पुस्तकें – रत्ना प्रियापुस्तकें – रत्ना प्रिया

0 Comments 5:15 pm

जीवन की आधार पुस्तकें, ज्ञान की भंडार पुस्तकें, “तमसो मा ज्योतिर्गमय” की, भरती है संस्कार पुस्तकें । जग को राह[...]

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Nidhi

अब हमें भूगोल बदलना चाहिए – निधि चौधरीअब हमें भूगोल बदलना चाहिए – निधि चौधरी

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अब दुश्मन को मिलकर दलना चाहिए लाहौर कराची नही पूरा पाक दहलना चाहिए। गुस्ताखी कर दी,तुमने हमें छेड़ कर, अब[...]

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ram किशोर

कुँवर सिंह – राम किशोर पाठककुँवर सिंह – राम किशोर पाठक

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मनहरण घनाक्षरी मृगराज सी हुँकार, चमकती तलवार, अंग्रेजों को ललकार, किए जो कमाल थे। उम्र अस्सी किए पार, यौवन सी[...]

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वीर कुँवर की हुंकार – एस. के. पूनमवीर कुँवर की हुंकार – एस. के. पूनम

0 Comments 12:56 pm

विधा: मनहरण छंद मगध की भूमि पर, कुँवर सेनानी वीर, हुंकार शार्दूल सम, दुश्मनों के काल थे। न थी उम्र[...]

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वीर कुँवर सिंह – रत्ना प्रियावीर कुँवर सिंह – रत्ना प्रिया

0 Comments 12:45 pm

वीर कुँवर, तुम मगध भूमि के, भारती के लाल थे, अंग्रेजों को मार भगाने, संहारक व काल थे। अस्सी वर्ष[...]

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विधा: दोहा – देवकांत मिश्र ‘दिव्यविधा: दोहा – देवकांत मिश्र ‘दिव्य

0 Comments 12:38 pm

विधा: दोहा पृथ्वी दिवस मनाइए, लेकर नव विश्वास। जन-जन को जागृत करें, पेड़ लगाएँ पास।। हरित दिखे धरती सदा, ऐसा[...]

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वसुधा पुकारती – एस. के. पूनमवसुधा पुकारती – एस. के. पूनम

0 Comments 12:26 pm

विधा – मनहरण छंद तड़ाग में भरा पंक, अब खिलेगा सारंग, पुष्प पर बैठे अलि, बना है शरारती। लुभावने लग[...]

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आओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठकआओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठक

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द्विगुणित सुंदरी छंद आओं दीप जलाएं, सबको राह दिखाएं। सच करना सपनों को, आओं हम सिखलाएं।। देखो अनपढ़ कोई, भूल[...]

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खाकर हो जाते हवा हवाई – नीतू रानीखाकर हो जाते हवा हवाई – नीतू रानी

0 Comments 12:10 pm

पृथ्वी दिवस मनाइए, साल में दो पेड़ लगाइए।। पृथ्वी को रखिए सुरक्षित, लगाइए उस पर सुंदर-सुंदर वृक्ष।। उपजाइए पृथ्वी पर[...]

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