जल बूँदों के संग में – मुक्तामणि छंद गीत वर्षा आती देखकर, झूम उठे हैं सारे। जल बूँदों के संग[...]
बच्चों मन से करो पढ़ाई- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’बच्चों मन से करो पढ़ाई- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
बच्चों मन से करो पढ़ाई “”””””””””‘””””””””””””””””””””””””””””””””” बच्चों मन से करो पढ़ाई। तुमको दूँगी दूध मलाई।। नहीं किसी से करो लड़ाई।।[...]
मेरे डॉक्टर – रुचिकामेरे डॉक्टर – रुचिका
मेरे डॉक्टर जो जानता रहा मेरी हर पीड़ा, जिससे कहा मैंने अपनी सारी तकलीफ बिना किसी दुराव और छिपाव के[...]
फूल बड़े हीं कोमल होते- अमरनाथ त्रिवेदीफूल बड़े हीं कोमल होते- अमरनाथ त्रिवेदी
फूल बड़े ही कोमल होते फूल खिले हैं बागों में , ये बड़े ही सुंदर लगते ! ये[...]
चिकित्सक का कार्य – गीतिका – राम किशोर पाठकचिकित्सक का कार्य – गीतिका – राम किशोर पाठक
चिकित्सक का कार्य – गीतिका वैद्य, चिकित्सक, हकीम सारे। सबका जीवन सदा सँवारे।। रक्त, लहू, शोणित, लोहित जो। रुधिर, खून[...]
अपनी माटी से जुड़े – दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’अपनी माटी से जुड़े – दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
अपनी माटी से जुड़ें “””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””” अपनी माटी से जुड़ें, करें सदा गुणगान। बनी इसी से देह है, यही ईश वरदान।।०१[...]
समय सुहाने बचपन के – अमरनाथ त्रिवेदीसमय सुहाने बचपन के – अमरनाथ त्रिवेदी
समय सुहाने बचपन के खेल- खेल में पढ़ते जाएँ। जीवन को अनमोल बनाएँ।। हम नए-नए खेलों को खेलें। नई-नई खुशियाँ[...]
सोशल मीडिया – राम किशोर पाठकसोशल मीडिया – राम किशोर पाठक
सोशल मीडिया रूप संचार का बदल रहा, बदला अब सारा समाज है। अंतरजाल सभी अपनाएँ, बदला सबका काम-काज है।। खुलकर[...]
प्रेम जहाँ पग-पग मिलता – अमरनाथ त्रिवेदीप्रेम जहाँ पग-पग मिलता – अमरनाथ त्रिवेदी
प्रेम जहाँ पग-पग मिलता देश हमारा सबसे न्यारा , लगता कितना प्यारा है ! जग के सारे देशों से ,[...]
माँ तुम कितनी अच्छी हो – नीतू रानीमाँ तुम कितनी अच्छी हो – नीतू रानी
माँ तुम कितनी अच्छी हो। माँ माँ तुम कितनी अच्छी हो सब कुछ मेरा करती हो, जब मैं गंदा होता[...]
