बहरहाल अर्ध हूँ मैं मेरे शून्य का कुछ प्रतिशत मृत्यु के द्वार पर है खड़ा शेष बाट जोह रहा इसके[...]
मौन नहीं रहना (पहलगाम पर) – राम किशोर पाठकमौन नहीं रहना (पहलगाम पर) – राम किशोर पाठक
मौन नहीं रहना– मतगयंद सवैया छंद पार करें दुःख की घड़ियाँ हम, मौन नहीं रहना अब सीखें। छोड़ दिए हम[...]
अफवाहों के दौर में – राम किशोर पाठकअफवाहों के दौर में – राम किशोर पाठक
छंद – कुण्डलिया अफवाहों के दौर में, रहिए ज़रा सतर्क। दिल से करके देखिए, मिलता क्या है तर्क।। मिलता क्या[...]
मानव-जीवन और सत्संग – राम किशोर पाठकमानव-जीवन और सत्संग – राम किशोर पाठक
विधा ➖ धत्तानन्द छन्द (११/७/१३) १. जीवन यह अनमोल, भजिए राम, कृपालु है वही सब पर। भाव-भक्ति से बोल, सीता[...]
कलमकार का संदेश – राम किशोर पाठककलमकार का संदेश – राम किशोर पाठक
कलम हमारा आज है, लिखने को तैयार, चिंतन समाज का नहीं, लिखना तब बेकार। शब्दों को बस गूँथते, बनते रचनाकार,[...]
जीवन संकल्प – सुरेश कुमार गौरवजीवन संकल्प – सुरेश कुमार गौरव
उठो, जगा लो मन का दीपक, भर लो जीवन में स्नेह-रूपक। सपनों के पंखों से उड़कर, छू लो नभ का[...]
जीवन-दर्शन – गिरीन्द्र मोहन झाजीवन-दर्शन – गिरीन्द्र मोहन झा
तुम अपने जीवन के सुदीर्घ पथों को देख, मात्र निज जीवन-यात्रा पर फोकस करना। तेरा जीवन सहज, पवित्र, अर्थपूर्ण, परोपकारमय[...]
कोयल बोली मीठी बानी- सुरेश कुमार गौरवकोयल बोली मीठी बानी- सुरेश कुमार गौरव
कोयल बोली मीठी बानी, जैसे बजे मधुर तान, डाली-डाली झूम उठी है, हरियाली मुस्कान। नीम की डाली पर बैठी, गाए[...]
शिवरात्रि है – राम किशोर पाठकशिवरात्रि है – राम किशोर पाठक
छंद – घनाक्षरी शिव शंकर की भक्ति, श्रद्धा भाव यथाशक्ति, मिटाती यह आसक्ति, बनें दया-पात्र हैं। मनाएँ हर माह में,[...]
पुस्तकें: ज्ञान का वरदान – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’पुस्तकें: ज्ञान का वरदान – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
पुस्तकें प्रेरणा वान, ज्ञान का है वरदान, सच्चा मीत मानकर, आत्मसात कीजिए। प्रतिदिन खोलकर, पाठ करें बोलकर, शारदे का अद्भुत[...]
