बड़ा कठिन है रे मन -अवनीश कुमारबड़ा कठिन है रे मन -अवनीश कुमार

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(श्रुतिकीर्ति की अंतरवेदना) बड़ा कठिन है रे मन! राजरानी बनकर अवध में रहना, और राजर्षि पति शत्रुघ्न का भ्रातृधर्म निभाने[...]

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मोबाइल का जाल – सुरेश कुमार गौरवमोबाइल का जाल – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:28 pm

मोबाइल आया संग में मिली सुविधा, बढ़ती गई इस विचित्रता की दुविधा। ज्ञान-विज्ञान का खोल के पिटारा, छीन लिया हमसे[...]

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जागो, उठो समय है पुकारता – सुरेश कुमार गौरवजागो, उठो समय है पुकारता – सुरेश कुमार गौरव

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उठो जवानों, चलो बनाओ, नव युग का इतिहास रचाओ। हौसलों से भर दो धरती और गगन, हर दिशा में करो[...]

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मुट्ठी में आकाश करो – कुमकुम कुमारी “काव्याकृतिमुट्ठी में आकाश करो – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति

0 Comments 8:45 pm

इक-इक पल है कीमती जानो स्वयं से तुम संवाद करो। व्यर्थ की बातों में उलझकर न वक्त अपना बर्बाद करो।।[...]

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प्रगति तुम बढ़े चलो – सुरेश कुमार गौरवप्रगति तुम बढ़े चलो – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:38 pm

प्रगति तुम बढ़े चलो, नयन स्वप्न गढ़े चलो, अंधेरे हटा के तुम, नयी भोर गढ़े चलो। धरा से गगन तलक,[...]

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सुन री दीया – अवनीश कुमारसुन री दीया – अवनीश कुमार

0 Comments 8:29 pm

सुन री दीया काश! तू सुन पाती, मेरी विरह-व्यथा समझ पाती। तेरी जलती लौ से, क्या-क्या अनुमान लगाऊं? मद्धिम पड़ती[...]

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जीने का अधिकार – मनु कुमारीजीने का अधिकार – मनु कुमारी

0 Comments 8:24 pm

(दोहा सृजन) सभी जीव को है यहां,जीने का अधिकार। हक उसका मत छीनिए ,करिये केवल प्यार।। बेटी को यूं कोख[...]

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हम हैं टीचर्स ऑफ़ बिहार – मनु कुमारीहम हैं टीचर्स ऑफ़ बिहार – मनु कुमारी

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शिक्षा का हम दीप जलाते। अज्ञान तिमिर को दूर भगाते। नैतिकता का पाठ पढ़ाते। स्वयं का उसको बोध कराते। करते[...]

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बाल कविता – पेंसिल – राम किशोर पाठकबाल कविता – पेंसिल – राम किशोर पाठक

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पेंसिल की है बात निराली, चलती है यह काली काली। अब तो रंग बिरंगी है आती, बच्चों का मन खूब[...]

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चित्रधारित सृजन – नीतू रानीचित्रधारित सृजन – नीतू रानी

0 Comments 8:10 pm

जल से भरकर पात्र को रखना निशदिन भाय, आएगी चिड़िया पानी पीने जाएगी प्यास बुझाय। पीती है पानी चिड़िया हृदय[...]

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