जीने का अधिकार – राम किशोर पाठकजीने का अधिकार – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:01 pm

छंद – दोहा जीने का अधिकार है, सबको एक समान। जीव-जंतु सबका करें, रक्षा बन बलवान।।१।। रखिए हरपल हीं यहॉं,[...]

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पिता – गिरीन्द्र मोहन झापिता – गिरीन्द्र मोहन झा

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परमपिता परमेश्वर हैं, हम सब उनके संतान, उन्हीं की अनुकम्पा से, हम सब सदा क्रियमाण । सबसे पहले परमपिता परमात्मा[...]

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शुभ्रक की अमर गाथा – अवनीश कुमारशुभ्रक की अमर गाथा – अवनीश कुमार

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आओ सुनाऊँ तुम्हें, एक बेज़ुबान, स्वामीभक्त शुभ्रक की अमर कहानी… जब ऐबक ने राजपुताना लूटा, मेवाड़ का वैभव मिट्टी में[...]

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दर्पण- राम किशोर पाठकदर्पण- राम किशोर पाठक

0 Comments 6:36 pm

छंद – दोहा किरणें आती जो रही, लौटाती उस ओर। सतह परावर्तक सदा, कहलाती वह छोर।। सतह परावर्तन करे, दर्पण[...]

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एक छोटी चिड़िया – नीतू रानीएक छोटी चिड़िया – नीतू रानी

0 Comments 6:32 pm

एक छोटी चिड़िया, तिनका लेके आई। एक- एक तिनके से , सुंदर घोंसला बनाई। घोंसले में दी चार छोटे अंडे,[...]

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यह नव वसंत कुछ बोल रहा – अमरनाथ त्रिवेदीयह नव वसंत कुछ बोल रहा – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 6:24 pm

जीवन में अमृत घोल रहा , यह नव वसंत कुछ बोल रहा । कौशल है  इसकी छटाओं में , हर[...]

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ram किशोर

मर्यादा की रास में – राम किशोर पाठक मर्यादा की रास में – राम किशोर पाठक 

0 Comments 6:19 pm

दोहा छंद मर्यादा की रास में, पंचवटी में राम। शूर्पणखा आकर वहॉं, देख रही अविराम।।१।। सूरत मोहित कर गया, जगी[...]

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वन हैं धरती की पहचान – सुरेश कुमार गौरववन हैं धरती की पहचान – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 7:13 pm

वन हैं जीवन की पहचान, इनसे धरती रहे महान। शुद्ध हवा औ’ निर्मल पानी, इनसे हरियाली मुस्कानी।। पंछी गाते मीठे[...]

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विश्व विरासत दिवस – राम किशोर पाठकविश्व विरासत दिवस – राम किशोर पाठक

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मनहरण घनाक्षरी सभ्यता का इतिहास, मिले जानकारी खास, करे विश्व एहसास, धरोहर पाइए। अठारह अप्रैल को, संस्कृति संरक्षण को, भूतल[...]

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बिहार: संस्कृति का समृद्ध सार – सुरेश कुमार गौरवबिहार: संस्कृति का समृद्ध सार – सुरेश कुमार गौरव

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राजगृह की पावन वादियाँ, ऋषियों की तपभूमि, गृद्धकूट की चोटी बोले, बुद्ध की अमिट प्रतीति। सप्तधाराएँ बहती जातीं, गूंजे जहां[...]

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