शून्य दिवस नीतू रानी

-शून्य दिवस। आज है शून्य दिवस, जैसे बिना यात्री का बस। शून्य का मतलब गोल और खाली, जैसे दिखता सूरज की लाली। शून्य का मतलब एक बिंदु होता, जिससे एक…

प्रभाती पुष्प -जैनेंद्र प्रसाद

प्रभाती पुष्प सफाई काध्यान रूप घनाक्षरी छंद पूजा बाद फल फूल नदियों में बहाकर, प्रदूषण बढ़ाने में, करते हैं योगदान। पवित्र जलाशयों में त्याग कर मल-मूत्र, अपवित्र जल में ही,…

खिचड़ी -रामपाल प्रसाद

खिचड़ी खिचड़ी मन में पक रही,बिना किसी आधार। घर में पकती आज तो,बहती है रसधार।। बहती है रसधार,आज का दिन है पावन। लटती मस्त पतंग,गगन में लगे लुभावन।। व्यंजन दिखते…

अंजाम होता है -रामकिशोर पाठक

अंजाम होता है- गजल १२२२-१२२२-१२२२-१२२२ सदा ही कर्म अच्छे का सुखद अंजाम होता है। किया जिसने यहाँ ऐसा जगत में नाम होता है।। नहीं कोई यहाँ जिसका कभी उसको न…

योगासन गीतिका :-कार्तिक कुमार

पद्मासन पालथी मार, पैर जंघा पर धर, रीढ़ सीधी, नेत्र बंद कर। श्वास-प्रश्वास सम, मन हो शांत, लाभ—ध्यान बढ़े, तनाव हो अंत। वज्रासन घुटनों के बल बैठो ध्यान से, पीठ…

फसलों का त्योहार है खिचड़ी-एम० एस० हुसैन कैमूरी 

फसलों का त्योहार है खिचड़ी  प्रकृति का उपहार है खिचड़ी  देखिए फसलों की पैदावार बढ़ाकर  लाई खुशियों की बौछार है खिचड़ी  नए फसल भी लगा लिए हैं ,हम-सब ने  फिर…