सूर्य रश्मियाँ रामकिशोर पाठक

सूर्य रश्मियाँ- महाशिव छंद गीत २१२-१२१-२२१-२१२-१२ नित्य सूर्य रश्मियाँ तेज को बिखेरती। दृष्टि बोध को भरे चित्र को उकेरती।। लुप्त हो कभी कभी रूष्टता प्रमाण दे। क्रुद्ध हो गई कभी…

स्वतंत्रता की चिंगारी जैनेंद्र प्रसाद

स्वतंत्रता की चिंगारी (शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि मात्र आधी धोती पर, जीवन गुजार दिया, आधुनिक भारत के, नमन भिखारी को। चरखा से बना खादी, मोहन से बने गांँधी, लोग संत…

छा गया मधुमास- रामकिशोर पाठक

छा गया मधुमास हर दिल शायराना हो गया- गजल २१२२-२१२२-२१२२-२१२ छा गया मधुमास हर दिल शायराना हो गया। भाव नव मन में जगी तो गुनगुनाना हो गया।। श्यामली धरती सजी…

पहाड़ा नीतू रानी

विषय -पहाड़ा। शीर्षक -एक अंक से शुरू होता है पहाड़ जैसा पहाड़ा। एक अंक से शुरू होता है पहाड़ जैसा हमारा पहाड़ा, दिखने में ये लगता बच्चो लाल ,पीला,नीला और…

मुहब्बत है- रामकिशोर पाठक

मुहब्बत है – गजल १२२२-१२२२-१२२२-१२२२ हमें तो हिंद से यारो अधिक इतनी मुहब्बत है। लुटाकर जान भी अपनी इसे करना हिफाजत है।। करे हर-पल वफा जिससे हमारा वह वतन भारत।…

छायावाद के शिखर कवि

छायावाद के शिखर कवि जयशंकर प्रसाद जयंती विशेष कविता भावों की सरिता बनकर, शब्दों में प्राण बसाए। छायावाद के शिखर कवि, प्रसाद हुए कहलाए। आँसू, कामायनी, झरना, काव्य-जगत की अमर…

सत्य का पथ-मनु कुमारी

नमन है आज उस आत्मा को, जो सत्य बनी, अहिंसा बोली। जो दंड नहीं, संवाद सिखाए, जिसने शक्ति को करूणा माना। न हथियार उठाया उसने, पर साम्राज्य डगमगा गए। एक…

दोहे – राम किशोर पाठक

दोहे श्री निवास घर में करें, जब तक मिलता मान।अहंकार के जागते, कर जाती प्रस्थान।। श्री पाकर सेवा करें, करिए कुछ उपकार।यही सीख श्री दे रही, करें जगत स्वीकार।। श्री…