हरियाली- रासा छंद गीत शब्दों से आज चीखना है। वृक्ष लताओं से लिखना है।। जब धरती पर हरियाली हो। मौसम मन भाने वाली हो।। शुद्ध हवा पानी सब पाए। पुलकित…
आओ नूतन गान लिखे बिंदु अग्रवाल
आओ नूतन गान लिखें आओ नूतन गान लिखें हम एक नया अभियान लिखें। अंतरमन के भेद मिटा हर होठों पे मुस्कान लिखें।। नये वर्ष में नया गीत नव कलियों का…
समय का महत्व – आशीष अम्बर
समय का महत्व समय का सबसे कहना है, जीवन चलते रहना है । इसको मत बरबाद करो , सदा काम की बात करो । कल – कल नदियाँ बहती हैं,…
शून्य दिवस नीतू रानी
-शून्य दिवस। आज है शून्य दिवस, जैसे बिना यात्री का बस। शून्य का मतलब गोल और खाली, जैसे दिखता सूरज की लाली। शून्य का मतलब एक बिंदु होता, जिससे एक…
प्रभाती पुष्प -जैनेंद्र प्रसाद
प्रभाती पुष्प सफाई काध्यान रूप घनाक्षरी छंद पूजा बाद फल फूल नदियों में बहाकर, प्रदूषण बढ़ाने में, करते हैं योगदान। पवित्र जलाशयों में त्याग कर मल-मूत्र, अपवित्र जल में ही,…
खिचड़ी -रामपाल प्रसाद
खिचड़ी खिचड़ी मन में पक रही,बिना किसी आधार। घर में पकती आज तो,बहती है रसधार।। बहती है रसधार,आज का दिन है पावन। लटती मस्त पतंग,गगन में लगे लुभावन।। व्यंजन दिखते…
अंजाम होता है -रामकिशोर पाठक
अंजाम होता है- गजल १२२२-१२२२-१२२२-१२२२ सदा ही कर्म अच्छे का सुखद अंजाम होता है। किया जिसने यहाँ ऐसा जगत में नाम होता है।। नहीं कोई यहाँ जिसका कभी उसको न…
योगासन गीतिका :-कार्तिक कुमार
पद्मासन पालथी मार, पैर जंघा पर धर, रीढ़ सीधी, नेत्र बंद कर। श्वास-प्रश्वास सम, मन हो शांत, लाभ—ध्यान बढ़े, तनाव हो अंत। वज्रासन घुटनों के बल बैठो ध्यान से, पीठ…
फसलों का त्योहार है खिचड़ी-एम० एस० हुसैन कैमूरी
फसलों का त्योहार है खिचड़ी प्रकृति का उपहार है खिचड़ी देखिए फसलों की पैदावार बढ़ाकर लाई खुशियों की बौछार है खिचड़ी नए फसल भी लगा लिए हैं ,हम-सब ने फिर…
मकरसंक्रांति आई है – मनु कुमारी
मकर संक्रांति आई है संग में खुशियां लाई है। तिल के लड्डू की खुश्बू ने घर में सुगंध फैलाई है।। मुरही, चूड़ा, तिल की लाई मम्मी ने बहुत बनाई है।…