सावन आया झूला झूलें, धरती से गगन को छू लें, काली बदरी नभ में छाई, रिम-झिम-रिम-झिम वर्षा आई, बच्चे समाते[...]
आजादी का दिव्य पर्व महान-बेबी अर्चना आजादी का दिव्य पर्व महान-बेबी अर्चना
है हिन्द-सिंध अपना हिय सनातन आजादी का यह दिव्य पर्व महान गुलामी- कलुषित- कालिमा का आज ही के दिन हुआ[...]
प्रणाम सर-कार्तिक कुमारप्रणाम सर-कार्तिक कुमार
प्रणाम सर! — खुश रहो बच्चा, जीवन में तुम आगे बढ़ना। पढ़ाई करो अच्छा-अच्छा, ज्ञान का दीपक सदा जलाना। काम[...]
मोह का बंधन – मनु कुमारीमोह का बंधन – मनु कुमारी
बहुत प्रबल होता है सखे ये, मोह का नाज़ुक बंधन। इसमें बंधे चले जाते सब , धनी हो चाहे निर्धन।।[...]
सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना-राम किशोर पाठक सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना-राम किशोर पाठक
विश्व-बोध नित लेकर सपना। सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना।। नाग-तुंग नभ छूकर कहते। देव-भूमि सुर आकर रहते।। दिव्य लोक सम दर्शन[...]
सेवाभावी की अभिलाषा – उमेश कुमार सिन्हा सेवाभावी की अभिलाषा – उमेश कुमार सिन्हा
नहीं चाहूँ स्वर्णिम वैभव का मुझ पर राजतिलक हो, नहीं चाहूँ यश का सूरज मेरे ही आँगन उदित हो। नहीं[...]
बचपन की बारात – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक”बचपन की बारात – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक”
एक-एक रुपया जोड़-जोड़कर गुल्लक अपनी भर लाई, दादी के घर बड़े जतन से मैंने एक गुड्डा बनवाई। नानी के घर[...]
आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार
आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार मन के भीतर उठता दुख, बाहर इसका उपचार नहीं। आध्यात्मिक पीड़ा[...]
मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार
मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना है, सबसे सुंदर, न्यारा है। लाल रंग की छोटी गाड़ी, चलती[...]
मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार
मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार मेरी गुड़िया की शादी है, घर में आज खुशी ज्यादा है। गुड़िया[...]
